कर्नाटक : विजयनगर जिले में एक युवक की पुलिस स्टेशन के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। घटना हगारीबोम्मनहल्ली पुलिस स्टेशन की है, जहां शनिवार, 1 अगस्त की देर रात पारिवारिक विवाद के बाद लाए गए 36 वर्षीय युवक की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई।
मृतक की पहचान जालीनगर निवासी खलील (36) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, परिवार में हुए विवाद के बाद खलील की पत्नी ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल कर पुलिस से मदद मांगी थी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम खलील को अपने साथ पुलिस स्टेशन ले गई थी।
पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक, खलील को पुलिस स्टेशन लाकर मामले में काउंसलिंग की जा रही थी। हालांकि, कुछ समय बाद पुलिस स्टेशन के अंदर ही उसकी तबीयत खराब हो गई और उसकी मौत हो गई। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसकी हालत अचानक क्यों बिगड़ी और मौत किन परिस्थितियों में हुई।
खलील के परिवार ने इस घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि पुलिस हिरासत में खलील को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिसके कारण उसकी मौत हुई। परिवार ने आरोप लगाया है कि यह सामान्य मौत नहीं बल्कि लॉकअप में हुई मौत का मामला है।
परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि घटना की सच्चाई सामने आनी चाहिए और यदि किसी की लापरवाही या गलत कार्रवाई के कारण खलील की मौत हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
घटना के बाद पुलिस विभाग में भी जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों की ओर से मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इसमें पुलिस स्टेशन में मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ, घटना के समय की स्थिति और अन्य संबंधित तथ्यों की समीक्षा की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट रूप से बताया जा सकेगा कि खलील की मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस ने परिवार के आरोपों को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाने की बात कही है।
पुलिस हिरासत में होने वाली मौतों के मामलों में प्रक्रिया के तहत कई स्तरों पर जांच की जाती है। ऐसे मामलों में मृतक की मेडिकल स्थिति, पुलिस कार्रवाई, हिरासत की अवधि और घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाती है।
स्थानीय लोगों और परिवार के सदस्यों ने घटना को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि पुलिस स्टेशन जैसी जगह पर किसी व्यक्ति की मौत गंभीर मामला है और इसकी पूरी पारदर्शिता के साथ जांच होनी चाहिए।
बताया जा रहा है कि पारिवारिक विवाद के बाद पुलिस ने स्थिति को शांत करने के उद्देश्य से खलील को थाने लाया था। लेकिन वहां उसकी मौत हो जाने के बाद मामला गंभीर हो गया। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पुलिस स्टेशन के अंदर उसकी तबीयत किस वजह से बिगड़ी और क्या इस दौरान किसी तरह की लापरवाही हुई।
परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद मानवाधिकार और पुलिस हिरासत से जुड़े नियमों के पालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हिरासत में लिए गए किसी भी व्यक्ति की सुरक्षा और स्वास्थ्य की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होती है।
फिलहाल हगारीबोम्मनहल्ली पुलिस स्टेशन में हुई इस घटना की जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खलील की मौत ने एक बार फिर पुलिस हिरासत में लोगों की सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। परिवार न्याय की मांग कर रहा है और अब जांच रिपोर्ट से ही यह स्पष्ट होगा कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या था।