बेंगलुरु। कर्नाटक लोक सेवा आयोग यानी KPSC में 400 वेटनरी अधिकारियों की भर्ती में कथित गड़बड़ियों और पैसे लेकर नौकरी दिलाने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने मंगलवार को KPSC के निलंबित पूर्व चेयरमैन शिवशंकरप्पा एस. साहूकर और आयोग की सदस्य बीवी गीता को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के ठिकानों पर तलाशी और पूछताछ के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई पूरी की गई।
ED ने साहूकर के बेंगलुरु के संजयनगर स्थित डॉलर्स कॉलोनी के आवास पर दूसरी बार छापेमारी की। इससे पहले 18 अगस्त को भी उनके घर की तलाशी ली गई थी। मंगलवार को अधिकारियों ने कई घंटे तक दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच की। इसके बाद साहूकर को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया। बीवी गीता के आवास पर भी तलाशी ली गई और उनसे पूछताछ के बाद गिरफ्तारी की गई।
रिपोर्टों के मुताबिक दोनों आरोपियों को मंगलवार रात एक स्थानीय जज के समक्ष पेश किया गया। जांच एजेंसी ने दोनों की हिरासत मांगी, जिसके बाद उन्हें एक दिन के लिए ED की कस्टडी में भेज दिया गया। एजेंसी अब दोनों से भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, वित्तीय लेनदेन और अन्य आरोपियों से संबंधों को लेकर पूछताछ कर रही है।
मामला KPSC द्वारा पशुपालन एवं मत्स्य विभाग में 400 वेटनरी अधिकारियों की भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा से जुड़ा है। यह परीक्षा जनवरी 2026 में हुई थी। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुछ अभ्यर्थियों के असामान्य रूप से अधिक अंक आने और चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद पुलिस और CID स्तर पर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पेपर लीक, OMR शीट में कथित छेड़छाड़, बिचौलियों के जरिए नौकरी दिलाने के बदले पैसे मांगने और चुनिंदा अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप सामने आए। FIR में आरोप लगाया गया कि कुछ ऐसे अभ्यर्थियों ने 400 से अधिक अंक हासिल किए जिनका पिछला शैक्षणिक प्रदर्शन अपेक्षाकृत सामान्य था। वहीं कुछ अधिक प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों के कम अंक आने से संदेह पैदा हुआ।
ED ने इस मामले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी PMLA के तहत जांच शुरू की है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित भर्ती घोटाले से कितनी अवैध रकम जुटाई गई, यह पैसा किन लोगों तक पहुंचा और क्या इसे बैंक खातों, संपत्तियों या दूसरे माध्यमों से छिपाने की कोशिश की गई।
जांच एजेंसियों की नजर पूर्व KPSC कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन और निलंबित IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार की भूमिका पर भी है। ED का आरोप है कि गंगवार ने परीक्षा से एक दिन पहले कथित तौर पर प्रश्नपत्र और सही उत्तर बिचौलिए बसवराज कन्नाले तक पहुंचाने में भूमिका निभाई। एजेंसी के अनुसार कुछ उम्मीदवारों से नौकरी के बदले लाखों रुपये लिए जाने के आरोपों की भी जांच की जा रही है।
गंगवार और कथित बिचौलिए बसवराज कन्नाले से ED पहले ही पूछताछ कर चुकी है। दोनों न्यायिक हिरासत में हैं। साहूकर और गीता की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में ED द्वारा गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या बढ़कर चार हो गई है।
जांच के दौरान साहूकर के एक करीबी रिश्तेदार के परीक्षा में असामान्य रूप से अधिक अंक हासिल करने का मामला भी सामने आया। रिपोर्टों के मुताबिक जांच एजेंसियों को शक तब गहरा हुआ जब साहूकर के रिश्तेदार सुगुरेश जाका ने भर्ती परीक्षा में 450 से अधिक अंक हासिल किए। इसके बाद उसके परिणाम और परीक्षा से जुड़ी परिस्थितियों की विस्तृत जांच की गई।
जांच में यह आरोप भी सामने आया कि साहूकर ने परीक्षा से ठीक पहले की रात तत्कालीन कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन गंगवार को दो बार फोन किया था। एजेंसियां इन कॉल और कथित पेपर लीक के बीच किसी संभावित संबंध की जांच कर रही हैं। यह अभी जांच एजेंसियों का आरोप है और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
CID की जांच में कथित तौर पर करीब 92 लाख रुपये की वित्तीय कड़ी भी सामने आई थी। कई उम्मीदवारों और कथित बिचौलियों के बैंक खातों में रकम की आवाजाही की जांच की गई। अधिकारियों का दावा है कि भर्ती परीक्षा के 60 से 80 सवाल पहले ही कुछ उम्मीदवारों तक पहुंचाए गए थे।
ED ने मंगलवार की तलाशी के दौरान साहूकर के आवास से वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों, संपत्तियों और उनके कार्यकाल के दौरान हुई भर्ती से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए। एजेंसी इन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेज सकती है ताकि डिजिटल बातचीत और वित्तीय लेनदेन की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
बीवी गीता की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एजेंसी का आरोप है कि कथित रूप से लीक हुए प्रश्नपत्र और उत्तरों से जुड़ी जानकारी उनके पास भी पहुंची थी। हालांकि इस पूरे मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।
मामले ने KPSC की भर्ती प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सरकारी नौकरियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में लाखों उम्मीदवार हिस्सा लेते हैं और यदि प्रश्नपत्र लीक या पैसे के बदले चयन जैसे आरोप साबित होते हैं तो इससे पूरी चयन प्रणाली की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।
ED अब गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ कर कथित पैसे के नेटवर्क, बिचौलियों, लाभार्थी उम्मीदवारों और अन्य अधिकारियों की भूमिका तलाश रही है। जांच का दायरा आगे और बढ़ सकता है।
फिलहाल साहूकर और बीवी गीता ED की हिरासत में हैं। 400 वेटनरी अधिकारियों की भर्ती से जुड़े इस कथित घोटाले में जांच एजेंसियां दस्तावेजों, बैंक लेनदेन और डिजिटल सबूतों को खंगाल रही हैं। आने वाले दिनों में पूछताछ से भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और पैसे के नेटवर्क से जुड़े और खुलासे होने की संभावना है।