Karnataka कर्नाटक : केंद्र सरकार के कृषि यंत्रीकरण उप मिशन (एसएमएएम) ने सुपारी की खेती में विभिन्न प्रकार के काम में आने वाली डोटी की खरीद पर सब्सिडी को मंजूरी नहीं दी है। आवेदन के लंबित निस्तारण के अलावा पूर्व में डोटी खरीद चुके किसानों को मिलने वाली 2.5 करोड़ रुपये की सब्सिडी भी रोक दी गई है। पिछले एक दशक में सुपारी की खेती करने वाले किसानों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। जिले में करीब 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुपारी की खेती होती है। इसके अलावा हाल के वर्षों में ऐसी डोटियां ईजाद हुई हैं, जिन पर जमीन पर खड़े होकर काम किया जा सकता है। इससे काम आसान ही नहीं, बल्कि सुरक्षित भी हुआ है। कृषि विभाग ने 2022-23 से इन डोटियों को सब्सिडी के दायरे में शामिल कर लिया है। केंद्र सरकार के एसएमएएम के तहत कृषि में मशीनरी को अपनाने को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी शुरू की गई थी। डोटी सब्सिडी की उम्मीद लगाए बैठे किसान कहते हैं, "प्रत्येक डोटी का बाजार मूल्य 70,000 से 80,000 रुपये है। डोटी खरीदने के बाद किसानों को बिल, जमीन के कागजात और बैंक दस्तावेजों के साथ बागवानी विभाग में आवेदन करना पड़ता था। सामान्य किसानों को 40 प्रतिशत सब्सिडी मिल रही थी, जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के किसानों को 50 प्रतिशत सब्सिडी मिल रही थी। किसानों को 30,000 से 40,000 रुपये की सब्सिडी मिल रही थी। लेकिन एसएमएएम के बदले नियमों के कारण किसानों को सालों से सब्सिडी जारी नहीं की गई है।"