बेंगलुरु: कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया मंगलवार को विधान सौधा के पश्चिमी हिस्से में स्थित केंगल गेट के पास से अपनी कार हटाए जाने पर नाराज हो गए। विशेष सत्र में हिस्सा लेने के बाद जब वह दोपहर के भोजन के लिए अपने सरकारी आवास 'कावेरी' जाने के लिए बाहर निकले तो उनकी कार तय जगह पर मौजूद नहीं थी। उन्हें बताया गया कि सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे DCP योगेश के निर्देश पर कार को वहां से हटाकर पार्किंग क्षेत्र में भेज दिया गया है।

कार वापस आने तक सिद्धारमैया को गेट के पास इंतजार करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने DCP योगेश से फोन पर बात की और कार हटाने के फैसले को लेकर नाराजगी जताई। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सिद्धारमैया ने DCP के कामकाज और जनप्रतिनिधियों के साथ व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए।

विशेष सत्र में शामिल होने पहुंचे थे सिद्धारमैया

कर्नाटक विधानमंडल का तीन दिवसीय विशेष सत्र 21 सितंबर से शुरू हुआ है। इस सत्र में राज्य में सूखे की स्थिति और पश्चिमी घाट को लेकर कस्तूरीरंगन रिपोर्ट प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी मंगलवार को विधान सौधा में चल रही कार्यवाही में शामिल हुए थे। सदन से निकलने के बाद वह दोपहर के भोजन के लिए अपने सरकारी आवास 'कावेरी' जाने वाले थे।

इसी दौरान जब वह पश्चिमी गेट की तरफ पहुंचे तो उनकी कार वहां नहीं मिली।

पार्किंग लॉट में भेज दी गई थी कार

रिपोर्टों के अनुसार सिद्धारमैया की कार विधान सौधा के पश्चिमी प्रवेश द्वार के पास केंगल गेट के नजदीक खड़ी की गई थी। इसी बीच सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों ने वाहन को वहां से हटवा दिया।

बताया गया कि विधान सौधा के DCP योगेश के निर्देश पर कार को निर्धारित पार्किंग क्षेत्र में भेजा गया था। जब सिद्धारमैया सदन की कार्यवाही के बाद बाहर आए तो उन्हें वाहन हटाए जाने की जानकारी मिली।

कार तुरंत उपलब्ध नहीं होने के कारण पूर्व मुख्यमंत्री को कुछ समय तक गेट के पास ही इंतजार करना पड़ा।

DCP योगेश को किया फोन

कार वापस आने में समय लगने के बाद सिद्धारमैया ने DCP योगेश से फोन पर बात की। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने सवाल किया कि उनकी कार को केंगल गेट के पास से क्यों हटाया गया।

इस दौरान सिद्धारमैया नाराज दिखाई दिए। उन्होंने DCP से वाहन हटाने के फैसले के बारे में जवाब मांगा और जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों में सावधानी बरतने की बात कही।

स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट में सिद्धारमैया के हवाले से DCP के खिलाफ शिकायतें होने की बात भी कही गई है। यह टिप्पणी घटना के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया के रूप में रिपोर्ट की गई है।

गेट पर करना पड़ा इंतजार

पूरे घटनाक्रम में सिद्धारमैया की नाराजगी की मुख्य वजह यह रही कि सदन से बाहर निकलने के बाद उन्हें अपनी कार के लिए इंतजार करना पड़ा।

उनका वाहन केंगल गेट के पास से पार्किंग क्षेत्र में पहुंचा दिया गया था। ऐसे में वाहन को दोबारा गेट तक लाने में कुछ समय लगा।

इसी दौरान वहां मौजूद लोगों और मीडिया का ध्यान इस घटनाक्रम की तरफ गया। बाद में इसका वीडियो और इससे जुड़ी जानकारी भी स्थानीय मीडिया में सामने आई।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत हटाया गया वाहन

रिपोर्टों में कार हटाए जाने को विधान सौधा की सुरक्षा और पार्किंग व्यवस्था से जुड़ा फैसला बताया गया है। हालांकि DCP योगेश की ओर से इस घटनाक्रम पर विस्तृत सार्वजनिक स्पष्टीकरण तत्काल सामने नहीं आया।

विधान सौधा में विधानसभा और विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान मंत्रियों, पूर्व मुख्यमंत्रियों, विधायकों, अधिकारियों और अन्य लोगों के वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में प्रवेश और निकास द्वारों पर सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था पुलिस की जिम्मेदारी होती है।

इस घटना में विवाद उस समय बढ़ा जब पूर्व मुख्यमंत्री की कार भी गेट के पास से हटा दी गई और उन्हें उसके लौटने का इंतजार करना पड़ा।

तीन दिन का चल रहा विशेष सत्र

कर्नाटक विधानमंडल का मौजूदा विशेष सत्र तीन दिनों के लिए बुलाया गया है। इसमें राज्य की सूखे की स्थिति और पश्चिमी घाट के इको-सेंसिटिव एरिया से जुड़ी कस्तूरीरंगन रिपोर्ट पर चर्चा प्रमुख एजेंडा है।

सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई वरिष्ठ नेता विधान सौधा पहुंच रहे हैं। इसी कारण परिसर में सुरक्षा के साथ वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की गई है।

सिद्धारमैया की नाराजगी बनी चर्चा का विषय

पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सिद्धारमैया का DCP को फोन कर नाराजगी जताना जल्द ही राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।

मामला किसी बड़े नीतिगत विवाद के बजाय वाहन की पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा था, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री की नाराजगी के कारण इसने ध्यान खींचा।

रिपोर्टों के मुताबिक सिद्धारमैया ने केवल अपनी कार हटाए जाने पर सवाल नहीं किया, बल्कि DCP को जनप्रतिनिधियों के साथ व्यवहार को लेकर सावधान रहने की बात भी कही।

कार आने के बाद कावेरी के लिए रवाना

कुछ समय इंतजार करने के बाद सिद्धारमैया की कार वापस गेट के पास पहुंची। इसके बाद वह विधान सौधा से अपने सरकारी आवास 'कावेरी' के लिए रवाना हुए।

इस तरह कुछ समय में मामला वहीं समाप्त हो गया, लेकिन DCP योगेश को फोन पर पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा जताई गई नाराजगी सुर्खियों में आ गई।

फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में इस घटना को लेकर पुलिस की ओर से किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई या अन्य आधिकारिक कदम की जानकारी नहीं है। मामला मुख्य रूप से विधान सौधा परिसर में वाहन हटाने और उसके बाद सिद्धारमैया की प्रतिक्रिया से जुड़ा है।

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