Sankeshwar : नदी में डूब रहे बेटे को बचाने की कोशिश में मां की मौत; बेटे की तलाश जारी
Karnataka कर्नाटक: मंगलवार को संकेश्वर शहर के बाहरी इलाके में स्थित हिरण्यकेशी नदी में एक दर्दनाक हादसा हो गया। इस घटना में अपने डूबते बेटे को बचाने गई एक मां की मौत हो गई, जबकि उसका 9 वर्षीय बेटा अभी भी लापता है। घटना के बाद इलाके में शोक और चिंता का माहौल है।
मृतका की पहचान संकेश्वर शहर निवासी लक्ष्मी सुधाकर कुटोली (27) के रूप में हुई है। वहीं, उनका बेटा सुप्रीत सुधाकर कुटोली (9) भी लापता है और उसकी मौत की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अभी तक बच्चे का शव बरामद नहीं हुआ है, और फायर ब्रिगेड की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।
जानकारी के अनुसार, मां और बेटा शंकरलिंग मंदिर दर्शन के लिए हिरण्यकेशी नदी के किनारे पहुंचे थे। मंदिर के पास ही सुप्रीत नदी में तैरने चला गया। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। बेटे को डूबता देख मां लक्ष्मी उसे बचाने के लिए तुरंत नदी में कूद गईं। लेकिन तैरना न आने के कारण वह खुद भी पानी में फंस गईं और डूब गईं।स्थानीय लोगों ने घटना
को देखकर तुरंत मदद के लिए प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कुछ समय बाद सर्च ऑपरेशन के दौरान लक्ष्मी कुटोली का शव नदी से बरामद कर लिया गया। वहीं, बच्चे के कपड़े नदी किनारे मिले हैं, जिससे उसके भी डूबने की आशंका और मजबूत हो गई है।
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। फायरफाइटर्स लगातार नदी में बच्चे की तलाश कर रहे हैं। पानी का बहाव और गहराई सर्च ऑपरेशन में बाधा बन रही है, लेकिन टीम प्रयासरत है।
यह हादसा संकेश्वर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुआ है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और स्थानीय लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। कई लोगों ने कहा कि यदि वहां चेतावनी संकेत या सुरक्षा इंतजाम होते तो शायद यह दर्दनाक घटना टल सकती थी।
फिलहाल फायर ब्रिगेड और पुलिस की संयुक्त टीम बच्चे की तलाश में जुटी हुई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी के गहरे पानी में जाने से बचें और बच्चों को अकेले पानी के पास न जाने दें।