Karnataka कर्नाटक: भारी उद्योग और इस्पात मंत्री H. D. Kumaraswamy ने कहा है कि भारत की प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में शामिल हिंदुस्तान मशीन टूल्स (HMT) को फिर से शुरू करने की योजना अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। उन्होंने संकेत दिया कि जल्द ही इस ऐतिहासिक कंपनी के पुनरुद्धार को लेकर बड़ा निर्णय लिया जा सकता है।
बेंगलुरु में सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (EMTI) के 65वें स्थापना दिवस समारोह के उद्घाटन अवसर पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi का स्पष्ट विज़न मैन्युफैक्चरिंग आधारित उद्योगों को मजबूत करना और देश में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
उन्होंने कहा कि इसी नीति के तहत सरकार अब HMT जैसी प्रतिष्ठित कंपनी को पुनर्जीवित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मंत्री के अनुसार, यह कदम भारत के औद्योगिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकता है, जिससे देश की विनिर्माण क्षमता को नई दिशा मिलेगी।
कुमारस्वामी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और रिसर्च इकोसिस्टम को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया है। इसके तहत न केवल बड़े उद्योगों को प्रोत्साहन दिया गया है, बल्कि तकनीकी नवाचार और कौशल विकास पर भी जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के परिणामस्वरूप औद्योगिक उत्पादन में तेजी आई है और विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। सरकार का उद्देश्य भारत को एक मजबूत वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करना है।
HMT, जो कभी भारत की प्रमुख इंजीनियरिंग और मशीन टूल निर्माण कंपनी मानी जाती थी, लंबे समय से पुनर्गठन और वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रही है। इसके पुनरुद्धार को लेकर कई वर्षों से चर्चा चल रही थी, लेकिन अब सरकार की ओर से इस दिशा में ठोस पहल के संकेत मिले हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि HMT को सफलतापूर्वक पुनः शुरू किया जाता है, तो इससे न केवल औद्योगिक क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, बल्कि मशीन टूल निर्माण और रक्षा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में भी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
फिलहाल सरकार इस योजना के अंतिम चरण की समीक्षा कर रही है और जल्द ही इससे जुड़ी विस्तृत रणनीति सामने आने की उम्मीद है।