बेंगलुरु: एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइज़ेशन (EPFO) के तहत अनिवार्य कवरेज के लिए कानूनी वेतन सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह करने से और अधिक कर्मचारी प्रोविडेंट फंड (PF) के फायदों के दायरे में आएंगे। साथ ही, इससे कर्मचारियों की रिटायरमेंट बचत में योगदान की राशि भी बढ़ेगी।

कर्मचारियों पर इसके असर के बारे में बताते हुए, बेंगलुरु (मल्लेश्वरम) के रीजनल PF कमिश्नर-II, अनिकेत अनिल अंबेडकर ने कहा, "कर्मचारियों को यह भी समझना चाहिए कि PF योगदान में बढ़ोतरी का उनकी कुल आर्थिक स्थिति पर सकारात्मक असर पड़ेगा। ऐसा इसलिए है क्योंकि EPF के लिए की गई कटौती से उनके PF खाते में नियोक्ता (employer) का बराबर योगदान तुरंत जुड़ जाएगा। इस जमा राशि पर बेहतरीन ब्याज (FY25-26 में सालाना 8.25%, जो मासिक बैलेंस पर कंपाउंड होता है) मिलता है, साथ ही टैक्स-फ्री बचत, मासिक पेंशन और बिना प्रीमियम वाला बीमा भी मिलता है।"

उन्होंने कहा, "इसके बाद मिलने वाले फायदे निश्चित रूप से बढ़ी हुई कटौती से कहीं ज़्यादा हैं।" अंबेडकर ने कहा कि अतिरिक्त योगदान को केवल मासिक 'टेक-होम पे' (हाथ में आने वाली सैलरी) में कमी के तौर पर नहीं, बल्कि कर्मचारियों की बचत के तरीके में बदलाव के तौर पर देखा जाना चाहिए।

 

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