बेंगलुरु: सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (CBIC) के चेयरमैन विवेक चतुर्वेदी ने मंगलवार को कहा कि 57वीं GST काउंसिल की बैठक में GST कानून के तहत गिरफ्तारी के प्रावधानों को हटाने, मुकदमा चलाने की सीमा (थ्रेशोल्ड) बढ़ाने और ऑटोमेटेड रिफंड शुरू करने की सिफारिश की गई है। ये कदम टैक्सपेयर्स के लिए नियमों का पालन आसान बनाने के मकसद से किए जा रहे प्रोसेस रिफॉर्म्स का हिस्सा हैं।

क्वींस रोड पर सेंट्रल रेवेन्यू बिल्डिंग में लगभग 250 टैक्सपेयर्स और व्यापार व उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए चतुर्वेदी ने कहा कि सिर्फ़ दरों को तर्कसंगत बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि ईमानदार टैक्सपेयर्स के लिए नियमों के पालन में आने वाली मुश्किलों को कम करने के लिए प्रोसेस रिफॉर्म्स की भी ज़रूरत है।

सिफारिशों में मैन्युअल दखल को कम करना और गाड़ियों की जांच को सिर्फ़ उन मामलों तक सीमित करना शामिल है जिनमें खास जानकारी (इंटेलिजेंस) हो और इसके लिए जॉइंट कमिश्नर या उससे ऊपर के रैंक के अधिकारी की मंज़ूरी ज़रूरी हो। ऐसी जांच सिर्फ़ शुरुआती और मंज़िल वाले राज्यों तक ही सीमित रहेगी।

चतुर्वेदी ने CBIC सदस्य (GST) संजय मंगल के साथ मिलकर केंद्र सरकार के तहत GST टैक्सपेयर्स के प्रस्तावित सेंट्रलाइज़्ड एडमिनिस्ट्रेशन और फेसलेस असेसमेंट पर भी ज़ोर दिया। इस पहल के लिए एक ड्राफ़्ट फ़्रेमवर्क जल्द ही स्टेकहोल्डर्स की राय और सुझावों के लिए सार्वजनिक किया जाएगा।

 

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