संडूर/बल्लारी: बल्लारी ज़िले के संदूर तालुक के डोड्डा अंथापुर गाँव में एक खेत की मेड़ पर कन्नड़ भाषा में लिखा एक दुर्लभ शिलालेख मिला है। इसमें चोरी के ख़िलाफ़ एक अनोखा श्राप लिखा है। यह शिलालेख विजयनगर साम्राज्य के बाद के समय की खेती के तरीकों, संपत्ति की सुरक्षा और सामाजिक मान्यताओं की झलक दिखाता है।
तयाप्पा नाम के किसान की ज़मीन पर मिली यह चार लाइन की लिखावट वाली शिला लगभग तीन फ़ीट ऊँची और डेढ़ फ़ीट चौड़ी है। इसकी लिपि और शैली के आधार पर माना जाता है कि यह विजयनगर साम्राज्य के बाद के स्थानीय सरदारों के समय की है। विजयनगर तिरुगाटा रिसर्च टीम ने फ़ील्ड सर्वे के दौरान इस शिलालेख का दस्तावेज़ीकरण किया।
इस शिलालेख में कडाबा नाम के व्यक्ति और उसके खेत का ज़िक्र है और 'सेधे' (खेती में इस्तेमाल होने वाली एक चीज़) की चोरी के ख़िलाफ़ चेतावनी दी गई है। शोधकर्ताओं का कहना है कि धार्मिक और सामाजिक मान्यताओं के ज़रिए चोरी को रोकने और खेती की संपत्ति की सुरक्षा के लिए ऐसी कड़ी बातें लिखी जाती थीं।