NEET UG 2026: कर्नाटक में 191 MBBS सीटें खाली, 2 नवंबर से नया काउंसलिंग राउंड
बेंगलुरु। मेडिकल कॉलेजों में दाखिले का इंतजार कर रहे NEET UG 2026 के उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर है। कर्नाटक एग्जामिनेशन अथॉरिटी (KEA) ने राज्य में खाली पड़ी मेडिकल सीटों को भरने के लिए विशेष स्ट्रे वैकेंसी राउंड आयोजित करने का फैसला किया है। राज्य में काउंसलिंग के कई चरण पूरे होने के बावजूद MBBS की 191 सीटें खाली रह गई हैं। इन्हीं सीटों पर प्रवेश देने के लिए KEA ने नई काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। खास बात यह है कि जिन उम्मीदवारों ने पहले KEA में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया था, उन्हें भी इस विशेष राउंड में आवेदन करने का अवसर दिया जाएगा।
KEA का यह फैसला मेडिकल काउंसलिंग कमिटी (MCC) की ओर से विशेष स्ट्रे वैकेंसी राउंड का कार्यक्रम जारी किए जाने के बाद आया है। KEA के कार्यकारी निदेशक एच. प्रसन्ना ने बताया कि जिन उम्मीदवारों को अब तक कोई मेडिकल सीट आवंटित नहीं हुई है, वे इस विशेष काउंसलिंग में शामिल हो सकेंगे। पहले से डेंटल सीट हासिल कर चुके उम्मीदवार भी केवल मेडिकल सीटों के लिए विकल्प भर सकेंगे।
सात राउंड के बाद भी खाली रह गईं 191 सीटें
कर्नाटक में मेडिकल दाखिले के लिए इस वर्ष कई चरणों में काउंसलिंग आयोजित की गई। इसके बावजूद सभी MBBS सीटों पर प्रवेश नहीं हो सका। KEA ने पहले ही सात राउंड की काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी कर ली थी। इसके बाद उम्मीदवारों और अभिभावकों के अनुरोध पर अंतिम प्रवेश तिथि के दौरान दो अतिरिक्त सीट आवंटन राउंड भी आयोजित किए गए।
इन दो अतिरिक्त राउंड में कुल 84 MBBS सीटें आवंटित की गईं। सुबह के राउंड में 62 और शाम के राउंड में 22 MBBS सीटों पर आवंटन हुआ। इसके बावजूद 191 मेडिकल सीटें खाली रह गईं। डेंटल सीटों के मामले में पिछली काउंसलिंग प्रक्रिया के बाद सभी सीटों पर आवंटन हो चुका था।
राज्य में पिछले पांच वर्षों के दौरान इतनी बड़ी संख्या में मेडिकल सीटें खाली रहना असामान्य स्थिति बताई जा रही है। इसी वजह से खाली सीटों को भरने के लिए अतिरिक्त अवसर देने का फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेष काउंसलिंग का पूरा शेड्यूल जारी
KEA की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, विशेष स्ट्रे वैकेंसी राउंड की प्रक्रिया 2 नवंबर से शुरू होकर 13 नवंबर 2026 तक चलेगी। इसमें नए उम्मीदवारों के रजिस्ट्रेशन से लेकर सीट आवंटन और कॉलेज में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
मेडिकल सीट के लिए 25 लाख रुपये एडवांस फीस
इस विशेष काउंसलिंग में भाग लेने वाले उम्मीदवारों को एडवांस फीस भी जमा करनी होगी। KEA के अनुसार, मेडिकल सीटों के लिए 25 लाख रुपये और डेंटल सीटों के लिए 1 लाख रुपये एडवांस फीस निर्धारित की गई है।
उम्मीदवारों को 4 से 6 नवंबर के बीच निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फीस जमा करनी होगी। इसके बाद 6 से 9 नवंबर तक अपनी पसंद के कॉलेज और उपलब्ध सीटों के विकल्प भरने होंगे। उम्मीदवारों को विकल्प भरते समय कॉलेज और पाठ्यक्रम का चयन सावधानीपूर्वक करना चाहिए।
कौन कर सकता है आवेदन?
विशेष स्ट्रे वैकेंसी राउंड में पात्रता को लेकर KEA ने कुछ महत्वपूर्ण बातें स्पष्ट की हैं।
- जिन उम्मीदवारों ने पहले KEA में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, वे भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
- जिन उम्मीदवारों को अब तक कोई मेडिकल सीट आवंटित नहीं हुई है, वे इस प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं।
- पहले से डेंटल सीट प्राप्त कर चुके उम्मीदवार केवल मेडिकल सीटों के लिए विकल्प भर सकेंगे।
- उम्मीदवारों को NEET UG 2026 की निर्धारित पात्रता और काउंसलिंग के नियमों को पूरा करना होगा।
इससे उन छात्रों को भी मौका मिलेगा, जो पहले आवेदन प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाए थे या कई राउंड के बावजूद मेडिकल सीट हासिल नहीं कर सके थे।
11 नवंबर को आएगा सीट आवंटन का परिणाम
विशेष काउंसलिंग में शामिल उम्मीदवारों के लिए 11 नवंबर महत्वपूर्ण तारीख होगी। KEA दोपहर 1 बजे सीट आवंटन का परिणाम घोषित करेगी। उम्मीदवार अपने आवंटन की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे।
जिन अभ्यर्थियों को सीट आवंटित होगी, उन्हें बची हुई फीस जमा करके संबंधित मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसके लिए अंतिम तारीख 13 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। निर्धारित समय तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर आवंटित सीट प्रभावित हो सकती है।
पांच साल में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में मेडिकल सीटें खाली
कर्नाटक में इस साल 191 मेडिकल सीटों का खाली रह जाना चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। राज्य में मेडिकल कॉलेजों की उपलब्धता और NEET के जरिए प्रवेश की प्रक्रिया के बावजूद इतनी सीटों का खाली रहना असामान्य माना जा रहा है।
KEA ने उम्मीदवारों और अभिभावकों की मांग पर पहले भी अतिरिक्त राउंड आयोजित किए थे। इन राउंड में 84 MBBS सीटें आवंटित होने के बाद भी काफी सीटें खाली रह गईं। अब विशेष स्ट्रे वैकेंसी राउंड के जरिए इन सीटों को भरने की एक और कोशिश की जा रही है।