नम्मा मेट्रो का नेटवर्क 100 KM के पार पहुंचेगा, पिंक लाइन के उद्घाटन की तैयारियां तेज
बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में मेट्रो से सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। शहर की बहुप्रतीक्षित पिंक मेट्रो लाइन के पहले चरण को शुरू करने की तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस परियोजना के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया गया है। प्रस्तावित कार्यक्रम में 15 नवंबर 2026 की तारीख सामने आई है। हालांकि, प्रधानमंत्री कार्यालय या बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMRCL) की ओर से इस तारीख की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं मिली है। लगभग 21.25 किलोमीटर लंबी पिंक लाइन कालेना अग्रहारा से नागवारा तक विकसित की जा रही है। इसमें कुल 18 स्टेशन होंगे। फिलहाल कालेना अग्रहारा से तावरेकेरे तक 7.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण पूरा हो चुका है। इस हिस्से पर छह स्टेशन हैं। शेष 13.76 किलोमीटर लंबा भूमिगत मार्ग अगले वर्ष यात्रियों के लिए खोले जाने का लक्ष्य है।
पिंक मेट्रो लाइन के उद्घाटन के लिए पीएम मोदी को निमंत्रण
बेंगलुरु में सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं के विस्तार के लिए पिंक मेट्रो लाइन को महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पिंक लाइन के पहले चरण का उद्घाटन करने के लिए तारीख देने का अनुरोध किया है।
इससे पहले परियोजना का उद्घाटन अक्टूबर के अंतिम सप्ताह या नवंबर के पहले सप्ताह में होने की संभावना जताई जा रही थी।
अब 15 नवंबर की तारीख चर्चा में है।
हालांकि, प्रधानमंत्री के दौरे और उद्घाटन कार्यक्रम की अंतिम पुष्टि होना बाकी है।
मेट्रो प्रशासन का प्रयास है कि आवश्यक सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद यात्रियों को जल्द इस नए मार्ग की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
पहले चरण में दौड़ेगी 7.5 किलोमीटर लंबी मेट्रो
पिंक मेट्रो लाइन के पहले चरण में कालेना अग्रहारा से तावरेकेरे तक 7.5 किलोमीटर लंबे मार्ग पर ट्रेनें संचालित की जाएंगी।
यह हिस्सा पूरी तरह एलिवेटेड यानी जमीन से ऊपर बनाया गया है।
इस मार्ग पर कुल छह मेट्रो स्टेशन तैयार किए गए हैं।
पहले चरण में जिन स्टेशनों पर यात्रियों को सुविधा मिलेगी, उनमें कालेना अग्रहारा, हुलिमावु, आईआईएम बेंगलुरु, जेपी नगर चौथा चरण, जयदेव अस्पताल और तावरेकेरे शामिल हैं।
इन इलाकों में बड़ी संख्या में आवासीय कॉलोनियां, शिक्षण संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान मौजूद हैं।
नया मेट्रो मार्ग शुरू होने से रोजाना कार्यालय और अन्य स्थानों तक आने-जाने वाले लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
जयदेव अस्पताल स्टेशन पर मिलेगी येलो लाइन की सुविधा
पिंक मेट्रो लाइन की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में विभिन्न मेट्रो कॉरिडोर के बीच संपर्क शामिल है।
पहले चरण में जयदेव अस्पताल मेट्रो स्टेशन पर यात्रियों को येलो लाइन के साथ इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी।
इसका मतलब है कि यात्री यहां एक मेट्रो लाइन से दूसरी लाइन में बदलाव कर सकेंगे।
इससे दक्षिण बेंगलुरु के विभिन्न इलाकों के बीच यात्रा करने वालों को अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।
विशेष रूप से बन्नेरघट्टा रोड के आसपास रहने वाले लोगों के लिए यह सुविधा उपयोगी हो सकती है।
मेट्रो संपर्क बढ़ने से सड़क मार्ग पर निजी वाहनों की निर्भरता कम होने की संभावना है।
भूमिगत कॉरिडोर का काम अगले साल पूरा करने का लक्ष्य
पिंक लाइन के दूसरे चरण में लगभग 13.76 किलोमीटर लंबा भूमिगत कॉरिडोर शामिल है।
यह हिस्सा तावरेकेरे से नागवारा तक बनाया जा रहा है।
इसमें डेयरी सर्कल, शिवाजीनगर, कैंटोनमेंट और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल होंगे।
भूमिगत मार्ग पर कुल 12 स्टेशन होंगे।
अक्टूबर में सामने आई परियोजना की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, भूमिगत हिस्से में पटरी बिछाने का काम पूरा हो चुका है।
वहीं, स्टेशनों के वास्तुशिल्प संबंधी कार्य लगभग 90 प्रतिशत और तकनीकी प्रणाली से जुड़े कार्य लगभग 85 प्रतिशत पूरे हुए थे।
इस कॉरिडोर के एकीकृत परीक्षण और सुरक्षा मंजूरी की प्रक्रिया वर्ष 2027 की पहली छमाही में प्रस्तावित है।
अगले साल शुरू हो सकती है अंडरग्राउंड मेट्रो सेवा
भूमिगत पिंक लाइन के संचालन को लेकर बेंगलुरु मेट्रो प्रशासन ने वर्ष 2027 का लक्ष्य रखा है।
इस हिस्से पर परीक्षण शुरू करने की तैयारियां चल रही हैं।
अक्टूबर में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर-दिसंबर 2026 के दौरान भूमिगत मार्ग पर ट्रायल रन शुरू करने की योजना थी।
वहीं, मई 2027 तक सेवाएं शुरू करने का लक्ष्य भी सामने आया है।
हालांकि, प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर, सिग्नलिंग प्रणाली और अन्य तकनीकी कार्यों के कारण उद्घाटन की समय-सीमा में बदलाव संभव है।
मेट्रो प्रशासन के लिए यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद ही नियमित सेवाएं शुरू करना आवश्यक होगा।
सुरक्षा जांच पूरी, अंतिम अनुमति का इंतजार
पिंक लाइन के एलिवेटेड हिस्से पर निर्माण और तकनीकी कार्य पूरे किए जा चुके हैं।
मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त ने छह से आठ अक्टूबर के बीच इस मार्ग का निरीक्षण किया था।
निरीक्षण के दौरान पटरियों, ट्रेनों, सिग्नलिंग, डिपो और अन्य सुविधाओं की जांच की गई।
इसके बाद कुछ टिप्पणियां और आवश्यक अनुपालन संबंधी निर्देश जारी किए गए।
बीएमआरसीएल ने इन निर्देशों के अनुपालन की रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है।
हालांकि, 23 अक्टूबर तक उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नियमित यात्री सेवा शुरू करने के लिए अंतिम सुरक्षा अनुमति का इंतजार था।
इसलिए उद्घाटन की तारीख तय होने के साथ सुरक्षा संबंधी औपचारिकताएं पूरी होना भी जरूरी है।
100 किलोमीटर से ज्यादा हो जाएगा बेंगलुरु मेट्रो नेटवर्क
वर्तमान में बेंगलुरु का नम्मा मेट्रो नेटवर्क लगभग 96 किलोमीटर लंबा है।
इसमें पर्पल लाइन, ग्रीन लाइन और येलो लाइन की सेवाएं शामिल हैं।
पिंक लाइन का 7.5 किलोमीटर लंबा पहला हिस्सा शुरू होने के बाद शहर का परिचालन मेट्रो नेटवर्क लगभग 103.6 किलोमीटर तक पहुंच जाएगा।
इससे बेंगलुरु में सार्वजनिक परिवहन का दायरा और बढ़ेगा।
मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से यात्रियों को शहर के अलग-अलग हिस्सों में जाने के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे।
इसके अलावा सड़क यातायात पर दबाव कम करने में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।
ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद
बेंगलुरु देश के प्रमुख आईटी और औद्योगिक शहरों में शामिल है। बड़ी संख्या में लोग रोजाना कार्यालय, कॉलेज और व्यावसायिक क्षेत्रों तक यात्रा करते हैं।
इसी कारण शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव अधिक रहता है।
विशेष रूप से बन्नेरघट्टा रोड और आसपास के क्षेत्रों में व्यस्त समय के दौरान यातायात की समस्या देखने को मिलती है।
पिंक लाइन शुरू होने से इन इलाकों में सार्वजनिक परिवहन का नया विकल्प मिलेगा।
हालांकि, ट्रैफिक जाम में वास्तविक कमी कितनी होगी, यह मेट्रो यात्रियों की संख्या और लोगों द्वारा निजी वाहनों के बजाय मेट्रो अपनाने पर निर्भर करेगा।
लाखों यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण परियोजना
नम्मा मेट्रो के विस्तार से बेंगलुरु के लाखों यात्रियों को भविष्य में लाभ मिलने की उम्मीद है।
पिंक लाइन शुरू होने के बाद यात्रियों को दक्षिण बेंगलुरु से अन्य मेट्रो मार्गों पर पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
पूरी लाइन के चालू होने के बाद नागवारा तक मेट्रो संपर्क उपलब्ध होगा।
इससे शहर के प्रमुख शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, आवासीय क्षेत्रों और व्यावसायिक केंद्रों के बीच यात्रा आसान हो सकती है।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण कदम पहले चरण का उद्घाटन और नियमित सेवाओं की शुरुआत है।
कालेना अग्रहारा से तावरेकेरे तक 7.5 किलोमीटर एलिवेटेड कॉरिडोर उद्घाटन के करीब है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 15 नवंबर को उद्घाटन करने की सूचना की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।