Karnataka कर्नाटक: स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने बदलती जीवनशैली के कारण दिल का दौरा, कैंसर और किडनी फेलियर जैसी गैर-संक्रामक बीमारियों के बढ़ते मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। वे बेंगलुरु के मिशन रोड स्थित NU सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के उद्घाटन समारोह के बाद आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का स्वरूप बदल गया है और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, जो समाज के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं।
मंत्री दिनेश गुंडू राव ने अपने संबोधन में कहा कि पहले के समय में संक्रामक बीमारियां अधिक आम थीं, लेकिन चिकित्सा विज्ञान की प्रगति के साथ अब उनका इलाज संभव हो गया है। हालांकि, आज गैर-संक्रामक बीमारियों का खतरा अधिक बढ़ गया है, जिन्हें केवल इलाज से नहीं बल्कि रोकथाम से नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि लोग समय रहते अपनी जीवनशैली में सुधार करें, जैसे संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और तनाव प्रबंधन, तो कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वास्थ्य समस्याएं होने के बाद इलाज पर निर्भर रहने के बजाय पहले से ही सावधानी बरतना अधिक महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, स्वस्थ जीवनशैली अपनाना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, क्योंकि यह दीर्घकालिक रूप से जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है और गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि चिकित्सा क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है और नई तकनीकों के आने से इलाज के तरीकों में बड़ा बदलाव आया है। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं ने गंभीर बीमारियों के उपचार को अधिक प्रभावी और सुलभ बना दिया है। उन्होंने कहा कि सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों की भूमिका इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये उन्नत तकनीक और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित थीं, जिनमें सांसद डॉ. सी. एन. मंजूनाथ, सांसद पी. सी. मोहन, फिल्म अभिनेता रमेश अरविंद, NU हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ. वेंकटेश कृष्णमूर्ति और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. प्रसन्ना वेंकटेश शामिल थे। सभी ने अस्पताल के उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लिया और चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे विकास पर विचार साझा किए।
कार्यक्रम में यह भी चर्चा हुई कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और आधुनिक तकनीक के उपयोग से मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सकता है। विशेषज्ञों ने इस बात पर सहमति जताई कि भविष्य में स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार और भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस उद्घाटन कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि समाज को स्वस्थ बनाने के लिए केवल चिकित्सा सुविधाओं पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों को स्वयं भी अपनी जीवनशैली में सुधार लाना होगा।