बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार के 'सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (ACSEL टेक्नोलॉजी फ़ोरम) ने Tathyakosh.in लॉन्च किया है। यह एक नया डिजिटल पब्लिक गुड है जिसे भारत के बिखरे हुए पब्लिक डेटा इकोसिस्टम को खोजने, उसका आकलन करने और उसका इस्तेमाल करने में आसानी के लिए बनाया गया है। Tathyakosh को बुधवार को गृह, सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी और ई-गवर्नेंस मंत्री प्रियांक खड़गे ने लॉन्च किया।
भारत में पब्लिक डेटा खोजने के लिए अक्सर कई सरकारी पोर्टलों, रिसर्च संस्थानों और अन्य रिपॉजिटरी में खोजना पड़ता है। ACSEL टेक्नोलॉजी फ़ोरम द्वारा बनाया गया Tathyakosh इस चुनौती को हल करता है; यह 458 डेटा स्रोतों से 15 लाख (1.5 मिलियन) से ज़्यादा डेटासेट को एक ही खोजने योग्य प्लेटफ़ॉर्म पर लाता है।
इस प्लेटफ़ॉर्म का नाम "तथ्य" (संस्कृत में जिसका अर्थ है "जो है" या "सत्य") और "कोश" (जिसका अर्थ है रिपॉजिटरी या भंडार) से मिलकर बना है। अपने नाम के अनुरूप, Tathyakosh अलग-अलग स्रोतों से पब्लिक डेटासेट को एक साथ लाता है, जिससे रिसर्चर्स, डेवलपर्स, स्टार्टअप्स और पॉलिसीमेकर्स के लिए उन्हें खोजना और उनका आकलन करना आसान हो जाता है।
प्रियांक खड़गे ने कहा, "भारत की AI महत्वाकांक्षाएं न केवल टैलेंट और कंप्यूटिंग पावर पर निर्भर करेंगी, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करेंगी कि हम अपने संस्थानों में पहले से मौजूद भारी मात्रा में डेटा को खोजने और उसका इस्तेमाल करने में कितने सक्षम हैं। Tathyakosh इस डेटा को खोजने योग्य, व्यवस्थित और इस्तेमाल में आसान बनाकर एक बुनियादी कमी को दूर करता है। इसे एक ओपन, नॉन-कमर्शियल डिजिटल पब्लिक गुड के तौर पर बनाकर, हम रिसर्चर्स, स्टार्टअप्स, डेवलपर्स और पॉलिसीमेकर्स के लिए भारतीय डेटा के साथ काम करने के लिए एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहे हैं।