बेंगलुरु। भारत और स्वीडन के बीच आर्थिक एवं औद्योगिक संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में कर्नाटक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। राज्य सरकार अब कर्नाटक को भारत में स्वीडिश कंपनियों के निवेश के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और भारत में स्वीडन की राजदूत पेट्रा मेनेंडर के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस दौरान दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, नवाचार और सतत विकास से जुड़े विभिन्न अवसरों पर चर्चा की।राज्य सरकार के वैश्विक निवेश एवं प्रवासी भारतीय मामलों के विभाग के अनुसार, भारत में स्वीडन के कुल निवेश का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा कर्नाटक में मौजूद है। बैठक में स्वीडिश कंपनियों के लिए राज्य में उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं और निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
कर्नाटक में विस्तार करना चाहती हैं 61 प्रतिशत कंपनियां
स्वीडन की राजदूत पेट्रा मेनेंडर ने बैठक के दौरान कर्नाटक को स्वीडिश निवेश के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बताया।उन्होंने कहा कि भारत में कारोबार कर रही स्वीडिश कंपनियों में से लगभग 61 प्रतिशत कंपनियां कर्नाटक में अपनी गतिविधियों का विस्तार करने की इच्छुक हैं।यह आंकड़ा राज्य में उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं, कुशल कर्मचारियों और तकनीकी संसाधनों के प्रति कंपनियों की रुचि को दर्शाता है।हालांकि, यह कंपनियों की निवेश संबंधी रुचि का संकेत है। इससे यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि सभी कंपनियों ने निवेश की अंतिम मंजूरी दे दी है।
व्यापार और तकनीक में बढ़ेगा सहयोग
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और स्वीडिश राजदूत के बीच हुई बातचीत में व्यापारिक संबंधों को मजबूत बनाने के साथ नई तकनीकों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया।दोनों पक्षों ने उन क्षेत्रों की पहचान करने पर जोर दिया, जहां कर्नाटक की औद्योगिक क्षमता और स्वीडन की तकनीकी विशेषज्ञता का संयुक्त उपयोग किया जा सकता है।स्वीडन की कंपनियां ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, दूरसंचार, स्वच्छ ऊर्जा और औद्योगिक तकनीक जैसे क्षेत्रों में काम करती हैं।वहीं, कर्नाटक सूचना प्रौद्योगिकी, अनुसंधान, स्टार्टअप और उन्नत विनिर्माण गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र है।इन क्षमताओं के आधार पर भविष्य में संयुक्त परियोजनाओं और औद्योगिक सहयोग के अवसर विकसित हो सकते हैं।
बेंगलुरु बना स्वीडिश कंपनियों का प्रमुख केंद्र
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु देश के प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी और नवाचार केंद्रों में शामिल है।यहां बड़ी संख्या में बहुराष्ट्रीय कंपनियां, अनुसंधान संस्थान और स्टार्टअप काम कर रहे हैं।स्वीडन की कई प्रमुख कंपनियों ने भी बेंगलुरु में अपनी व्यावसायिक और तकनीकी गतिविधियां स्थापित की हैं।स्वीडन के दूतावास के अनुसार, राजदूत पेट्रा मेनेंडर ने हाल ही में बेंगलुरु स्थित वोल्वो ग्रुप और नेक्सर ग्रुप के केंद्रों का दौरा करके उनके संचालन तथा नवाचार क्षमताओं की जानकारी ली थी।
स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास पर जोर
बैठक में टिकाऊ विकास और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों से जुड़े अवसरों पर भी चर्चा हुई।स्वीडन को स्वच्छ प्रौद्योगिकी, ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण अनुकूल औद्योगिक समाधानों के लिए जाना जाता है।इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से कर्नाटक को नई तकनीकों और निवेश का लाभ मिल सकता है।राज्य में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा दक्षता बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।ऐसे में हरित प्रौद्योगिकी और आधुनिक विनिर्माण प्रणालियों में साझेदारी उपयोगी साबित हो सकती है।
भारत में निवेश बढ़ाने पर स्वीडिश कंपनियों का भरोसा
स्वीडन के बिजनेस क्लाइमेट सर्वे 2026 के अनुसार, भारत में सक्रिय स्वीडिश कंपनियों का निवेश संबंधी दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है।सर्वेक्षण में 73 प्रतिशत कंपनियों ने भारत के कारोबारी माहौल को अच्छा या बहुत अच्छा बताया। वहीं, 68 प्रतिशत कंपनियों ने लाभ में रहने की जानकारी दी।इसके अलावा 83 प्रतिशत कंपनियों ने अगले 12 महीनों में अपने उद्योग के कारोबार में वृद्धि की उम्मीद जताई, जबकि 61 प्रतिशत ने भारत में निवेश बढ़ाने की योजना बताई।ये आंकड़े भारत के प्रति स्वीडिश कंपनियों की व्यापक निवेश रुचि को दर्शाते हैं।
रोजगार और औद्योगिक विकास की संभावनाएं
कर्नाटक सरकार विदेशी निवेश को बढ़ावा देकर राज्य में नए उद्योग स्थापित करने और रोजगार के अवसर विकसित करने पर ध्यान दे रही हैस्वीडिश कंपनियों के निवेश विस्तार से इंजीनियरिंग, अनुसंधान, विनिर्माण और तकनीकी सेवाओं जैसे क्षेत्रों को लाभ मिलने की संभावना है।इसके अलावा स्थानीय छोटे और मध्यम उद्योगों को बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की आपूर्ति शृंखलाओं से जुड़ने के अवसर मिल सकते हैं।मुख्यमंत्री शिवकुमार ने इससे पहले भी विदेशी कंपनियों को बेंगलुरु के अलावा राज्य के अन्य जिलों में निवेश के लिए आमंत्रित किया था।
कर्नाटक-स्वीडन साझेदारी को मिलेगी नई दिशा
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और राजदूत पेट्रा मेनेंडर की बैठक को कर्नाटक तथा स्वीडन के बीच आर्थिक सहयोग मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।दोनों पक्षों की रुचि व्यापार, प्रौद्योगिकी, नवाचार और सतत विकास के क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने की है।अब इन चर्चाओं को वास्तविक निवेश प्रस्तावों और औद्योगिक परियोजनाओं में बदलना महत्वपूर्ण होगा। इससे कर्नाटक को भारत में स्वीडिश निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी स्थिति मजबूत करने का अवसर मिल सकता है।