Karnataka कर्नाटक: राज्य गारंटी योजना कार्यान्वयन प्राधिकरण के अध्यक्ष एच.एम. रेवन्ना ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार की पाँच गारंटी योजनाओं को किसी भी परिस्थिति में रोका नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को इन योजनाओं का लाभ पहले की तरह मिलता रहेगा, जबकि गलत तरीके से लाभ लेने वालों पर सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है।
मंगलवार को कलबुर्गी में पाँच गारंटी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने बताया कि सरकार ने अब तक लगभग 14 से 15 करोड़ रुपये की गलत तरीके से ट्रांसफर हुई राशि वापस वसूल ली है। इसके अलावा करीब 100 करोड़ रुपये की वसूली के लिए बैंकों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएँ सामने आई हैं। इनमें ऐसे मामले शामिल हैं जहां मृत व्यक्तियों के खातों में सरकारी राशि जमा कर दी गई, एक ही बैंक खाते से 20 से अधिक लाभार्थियों को जोड़ा गया, और कुछ ऐसे खातों में भी पैसे ट्रांसफर किए गए जो वास्तविक रूप से मौजूद ही नहीं थे।
एच.एम. रेवन्ना के अनुसार, यह स्थिति प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही और तकनीकी खामियों की ओर संकेत करती है, जिसे सुधारने के लिए सरकार सिस्टम को और मजबूत बना रही है।
उन्होंने बताया कि कलबुर्गी जिले में ‘गृहलक्ष्मी योजना’ के तहत 9,156 ऐसे लाभार्थियों की पहचान की गई है जिनकी मृत्यु हो चुकी थी, लेकिन उनके खातों में 4.27 करोड़ रुपये जमा किए गए थे। जांच के बाद इनमें से 5,336 खातों में भुगतान रोक दिया गया है और अब तक केवल 25.84 लाख रुपये ही वापस प्राप्त हो सके हैं।
अधिकारियों का कहना है कि पूरी योजना का उद्देश्य जरूरतमंदों तक सीधा लाभ पहुंचाना है, इसलिए किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या फर्जीवाड़े को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सरकार ने बैंकों और संबंधित विभागों के साथ मिलकर एक संयुक्त निगरानी तंत्र बनाने की प्रक्रिया भी तेज कर दी है, ताकि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ियों को रोका जा सके।
प्राधिकरण अध्यक्ष ने यह भी कहा कि पात्र लाभार्थियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और सभी योजनाएँ पूरी पारदर्शिता के साथ जारी रहेंगी।