Karnataka कर्नाटक: महिला एवं बाल विकास विभाग ने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी गृहलक्ष्मी योजना को लेकर आख्यानों पर स्पष्टिकरण रिपोर्ट जारी की है। विभाग ने कहा है कि योजना को पूरी तरह से सीमित तरीके से लागू किया जा रहा है और अंतिम या मृत आवेदनकर्ता का नाम हटाने की प्रक्रिया लगातार जारी है।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि मीडिया में प्रकाशित खबरों के बाद यहां बताया गया है कि किस तरह से आदिवासियों और मृत जापानियों के ठिकानों में रस्सियों को भेजे जाने की बात सामने आई थी।
विभाग के अनुसार, 1,94,560 महिलाओं को स्कीम से बाहर करने की प्रक्रिया चल रही है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि केवल बिल्डरों को ही योजना का लाभ मिलेगा।
गृहलक्ष्मी योजना के तहत अब तक पंजीकृत 2,88,376 महिलाओं की मौत हो चुकी है। ई-जन्मा, कुदुंबस्त्र, बैलवाड़ी दस्तावेजों और ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों के माध्यम से पहचान की जा रही है, ताकि रिकॉर्ड अपडेट किया जा सके।
विभाग ने बताया कि मृत विदेशी का नाम जल्द ही इस योजना से पूरी तरह हटा दिया जाएगा। इसके साथ ही कई मामलों में परिवार के मुखिया का नाम राशन कार्ड में बदला गया है और नए मुखिया के नाम पर राशि अंकित की जा रही है।
अब तक 1,03,922 परिवारों में मृत तीर्थयात्रियों के स्थान पर नए मुखिया को योजना का लाभ दिया गया है, जिससे योजना की निरंतरता बनी रह रही है।
हालाँकि विभाग ने यह भी स्वीकार किया है कि सिज़न की मौत की सूचना समय पर न मिलने के कारण कुछ छात्र सामने आये। इसी कारण से कुल 1,08,755 मृत महिलाओं के बैंक खातों में लगभग 115 करोड़ रुपये की राशि अंकित हो गई।
इन अभिलेखों से 15.24 करोड़ रुपये की सरकारी वापसी की जानकारी दी गई है, जबकि शेष राशि की वेश्यावृत्ति की प्रक्रिया जारी है।
कर्नाटक सरकार की ओर से इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसे डॉक्टरों को लिया जा सके और अतिथि सूची को पूरी तरह से अपडेट किया जा सके।
विभाग ने कहा कि योजना का उद्देश्य पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता देना है और इसमें किसी भी प्रकार की नौकरी को चयनित किया जा रहा है। उदाहरण के लिए समय-समय पर सूची को अद्यतन किया जा रहा है और सत्यापन प्रक्रिया को और मजबूत किया जा रहा है।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी ताकतवरों के रिकॉर्ड को डिजिटल सिस्टम के माध्यम से जोड़ा जा रहा है ताकि भविष्य में मृत्यु या अन्य परिवर्तनों की जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सके।
निरीक्षण विभाग ने यह निर्देश दिया है कि गृहलक्ष्मी योजना में और अधिक लचीले और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।