Karnataka : होरानाडू-श्रृंगेरी रोड पर जर्जर पुल, टूरिस्ट और स्थानीय लोगों की बढ़ी परेशानी
Karnataka कर्नाटक: होरानाडू को श्रृंगेरी से जोड़ने वाली बालिगे-मेनसिनाहद्या-कोगरे रोड पर दो खतरनाक और संकरे पुल यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बने हुए हैं। यह मार्ग पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है क्योंकि यह पारंपरिक कलासा-श्रृंगेरी मार्ग की तुलना में लगभग 20 किलोमीटर दूरी कम करता है और यात्रा का समय भी बचाता है।
यह सड़क कुद्रेमुख नेशनल पार्क से होकर गुजरती है, जिससे रास्ते में प्राकृतिक नजारे यात्रियों को आकर्षित करते हैं। इसी कारण वीकेंड पर इस मार्ग पर भारी ट्रैफिक और जाम की स्थिति देखने को मिलती है। होरानाडू से श्रृंगेरी आने वाले अधिकांश टूरिस्ट अब इसी रास्ते को प्राथमिकता दे रहे हैं।
हालांकि, मेनसिनाहद्या के पास स्थित एक संकरा पुल यात्रियों के लिए सबसे बड़ी समस्या बन गया है। लगभग 9 फीट चौड़ा यह पुल एक ढलान और तंग मोड़ पर बना हुआ है। इस पुल से गुजरते समय कई वाहनों के किनारे कंक्रीट बैरियर से रगड़ खा जाते हैं, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। खासकर KKB प्राइवेट बसों को इस मार्ग पर लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या का समाधान पुल के पास एक वैकल्पिक सीधी सड़क बनाकर और नया चौड़ा पुल तैयार करके किया जा सकता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा।
इसी सड़क पर कोगरे की ओर आगे बढ़ने पर गौरीकट्टे के पास एक और खतरनाक पुल स्थित है। यह पुल खड़ी चढ़ाई पर बना है और बारिश के मौसम में इसकी स्थिति और भी खराब हो जाती है। बारिश के दौरान पानी पुल के ऊपर से बहता है, जबकि टूटी हुई रेलिंग के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
एक पर्यटक विष्णु शर्मा ने बताया कि यदि यहां मजबूत और ऊंचा पुल बनाया जाए तो जोखिम काफी हद तक कम हो सकता है। वहीं स्थानीय निवासी जयकीर्ति ने कहा कि नए पुल के निर्माण से लोगों को बारिश के मौसम में जान जोखिम में डालकर सफर नहीं करना पड़ेगा।
स्थानीय लोग लगातार लोक निर्माण विभाग से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि यह महत्वपूर्ण पर्यटन मार्ग सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके।