कर्नाटक : राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय बना कैबिनेट विस्तार अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली नई कैबिनेट के विस्तार के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। लोक भवन के सूत्रों के अनुसार, नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह सोमवार शाम 4.05 बजे आयोजित किया जाएगा।
शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन लोक भवन के ग्लास हाउस में होगा। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। समारोह में शामिल होने वाले विशेष अतिथियों और अन्य मेहमानों के लिए लोक भवन परिसर के बाहर जर्मन टेंट की व्यवस्था की गई है।
लोक निर्माण विभाग (PWD) ने कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर तीन दिन पहले ही काम शुरू कर दिया था। समारोह स्थल की सजावट, बैठने की व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है।
कैबिनेट विस्तार को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, लोक भवन और उसके आसपास के इलाकों में करीब 2,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी है ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
इससे पहले कर्नाटक कैबिनेट विस्तार को लेकर अंतिम दौर की बातचीत नई दिल्ली में हुई थी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर हुई अहम बैठक में मंत्रियों के नामों और विभागों को लेकर चर्चा पूरी की गई।
कैबिनेट विस्तार को लेकर कांग्रेस नेतृत्व और राज्य सरकार के बीच कई दौर की बातचीत हुई थी। मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले नेताओं को लेकर पार्टी के अंदर भी लगातार विचार-विमर्श चल रहा था। अब अंतिम सहमति बनने के बाद शपथ ग्रहण समारोह का रास्ता साफ हो गया है।
राज्य की राजनीति में यह कैबिनेट विस्तार काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई सरकार के गठन के बाद से ही मंत्रिमंडल में विस्तार और नए चेहरों को शामिल करने को लेकर चर्चा चल रही थी। अब नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद सरकार के कामकाज को और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
कांग्रेस नेतृत्व की कोशिश है कि मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय संतुलन और विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। माना जा रहा है कि नए मंत्रियों के चयन में संगठन और सरकार दोनों की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है।
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की अगुवाई वाली सरकार के लिए यह विस्तार कई मायनों में अहम है। मंत्रियों की संख्या बढ़ने के बाद विभागों के कामकाज को बेहतर तरीके से संभालने और सरकार की योजनाओं को तेजी से लागू करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
शपथ ग्रहण समारोह को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भी उत्साह देखा जा रहा है। कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और अन्य गणमान्य लोगों के शामिल होने की संभावना है।
राज्य सरकार और प्रशासन ने समारोह के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। लोक भवन के आसपास यातायात व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन को लेकर भी निर्देश जारी किए गए हैं।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, कैबिनेट विस्तार के बाद सरकार के भीतर जिम्मेदारियों का नया बंटवारा होगा। इससे आने वाले समय में सरकार की प्राथमिकताओं और प्रशासनिक रणनीति को दिशा मिल सकती है।
फिलहाल सभी की नजर सोमवार शाम होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर है। नए मंत्रियों के नाम और उन्हें मिलने वाले विभागों के सामने आने के बाद कर्नाटक सरकार के अगले चरण की तस्वीर और साफ हो जाएगी।