Karnataka : मिड-डे मील खाने से 12 बच्चे बीमार, अस्पताल में भर्ती

Update: 2026-07-14 05:19 GMT

बागलकोट : कर्नाटक के बागलकोट जिले के मुधोल तालुक स्थित मुगलखोड़ा गांव के सरकारी हायर प्राइमरी स्कूल में खाना खाने के बाद कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। स्कूल में परोसे गए गर्म भोजन के बाद 12 बच्चों को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।

घटना के बाद स्कूल परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, स्कूल में एलकेजी से लेकर सातवीं कक्षा तक के कुल 51 बच्चों ने दोपहर का भोजन किया था। खाना खाने के कुछ ही देर बाद कई बच्चों की तबीयत खराब होने लगी और उन्हें उल्टी होने लगी।

बच्चों की हालत बिगड़ती देख स्कूल स्टाफ तुरंत हरकत में आया। शिक्षकों और कर्मचारियों ने बिना देरी किए प्रभावित बच्चों को इलाज के लिए मुधोल के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्चों की जांच शुरू की और उनका उपचार किया।

अधिकारियों के अनुसार, बीमार हुए बच्चों में से नौ बच्चों को मुधोल सरकारी अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं, तीन बच्चों की स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए बागलकोट अस्पताल रेफर किया गया है।

बताया जा रहा है कि दोपहर में गर्म खाना खाने के बाद अचानक बच्चों को उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हुई। एक साथ कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने से स्कूल प्रशासन और अभिभावकों में चिंता फैल गई।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी सक्रिय हो गए। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि भोजन की गुणवत्ता या किसी अन्य कारण से बच्चों की तबीयत खराब हुई हो सकती है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मामले पर नजर रख रही है। भोजन के सैंपल जांच के लिए भेजे जाने की संभावना है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बच्चों के बीमार होने की असली वजह क्या थी।

अभिभावकों ने घटना को लेकर चिंता जताई है और मांग की है कि स्कूल में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए। उनका कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।

स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से इस मामले में जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी स्कूलों में मिलने वाले भोजन की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मिड-डे मील योजना संचालित की जाती है। इस योजना के तहत लाखों बच्चों को स्कूलों में दोपहर का भोजन दिया जाता है। हालांकि, समय-समय पर भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आती रहती हैं।

अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रशासन की प्राथमिकता है। यदि जांच में भोजन से जुड़ी कोई लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल सभी बच्चों का इलाज जारी है और डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन की ओर से मामले की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि बच्चों के बीमार होने के पीछे भोजन में गड़बड़ी थी या कोई अन्य कारण।

इस घटना के बाद स्कूलों में भोजन वितरण व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भोजन की तैयारी, रखरखाव और वितरण प्रक्रिया की सख्त निगरानी की जाए।

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