मंगलुरु। कर्नाटक के मंगलुरु में बुधवार को मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) की रिफाइनरी में जोरदार विस्फोट के बाद आग लग गई। धमाका इतना तेज था कि आसपास के कई इलाकों तक इसकी आवाज सुनाई दी और कुछ घरों व जोकाट्टे पंचायत भवन की खिड़कियों के शीशे टूट गए। घटना के बाद रिफाइनरी परिसर से घना काला धुआं उठता दिखाई दिया, जिससे आसपास रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और एम्बुलेंस भेजी गईं।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक घटना बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे के आसपास हुई। आसपास रहने वाले लोगों ने अचानक बेहद तेज धमाके जैसी आवाज सुनी। धमाके का असर इतना जोरदार बताया गया कि आसपास के मकानों में कंपन महसूस हुआ। कई स्थानीय निवासियों ने दावा किया कि उनके घरों की खिड़कियों के शीशे टूट गए, जबकि पंचायत भवन को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है।
एक स्थानीय निवासी ने बताया कि करीब साढ़े बारह बजे अचानक जोरदार आवाज सुनाई दी। धमाके के प्रभाव से उसके घर और पास स्थित पंचायत भवन की खिड़कियां टूट गईं। घटना के तुरंत बाद लोगों को यह समझ नहीं आया कि रिफाइनरी परिसर के अंदर आखिर क्या हुआ है। कुछ ही देर बाद परिसर से धुएं का बड़ा गुबार उठता दिखाई दिया।
रिफाइनरी में धमाके की सूचना मिलते ही सुरक्षा और आपातकालीन टीमें सक्रिय हो गईं। आग पर काबू पाने के लिए रिफाइनरी की फायर टीम ने कार्रवाई शुरू की। वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंचे। बाद की जानकारी में आग पर नियंत्रण पा लिए जाने की बात सामने आई।
प्रारंभिक जांच में विस्फोट का संबंध रिफाइनरी की Coker Hydrotreater इकाई में एक हाई-प्रेशर कोल्ड सेपरेटर के फटने से बताया गया है। हालांकि विस्फोट की वास्तविक वजह का पता तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। अधिकारियों की टीम प्रभावित यूनिट और उपकरणों की जांच कर रही है।
घटना में एक कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गया। उसकी पहचान 42 वर्षीय राजेश के रूप में सामने आई है। उसे इलाज के लिए अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। सात अन्य कर्मचारियों को मामूली चोटें लगने की सूचना है। प्रारंभिक रिपोर्टों में घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए, इसलिए अधिकारियों की अंतिम पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
धमाके की आवाज केवल रिफाइनरी के आसपास ही सीमित नहीं रही। जोकाट्टे के अलावा कवूर और येय्याडी जैसे इलाकों में भी लोगों ने तेज आवाज और झटके महसूस किए। कुछ रिपोर्टों के अनुसार मंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्र तक भी धमाके का असर महसूस किया गया। घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी रिफाइनरी से उठते घने धुएं के वीडियो और तस्वीरें तेजी से सामने आने लगीं।
स्थानीय लोगों के लिए सबसे चिंता वाली बात धमाके के बाद उठता घना काला धुआं था। दूर से ही रिफाइनरी परिसर के ऊपर धुएं का बड़ा गुबार नजर आ रहा था। आसपास के लोगों ने घटना के बाद कुछ समय तक भय और भ्रम की स्थिति होने की बात कही। शुरुआती समय में विस्फोट के कारण, घायलों की संख्या और रिफाइनरी के भीतर हुए नुकसान के बारे में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं थी।
आपातकालीन टीमों का पहला ध्यान आग को फैलने से रोकने और प्रभावित कर्मचारियों को सुरक्षित निकालने पर रहा। इसके साथ ही रिफाइनरी परिसर के संवेदनशील हिस्सों में सुरक्षा बढ़ाई गई। आग को नियंत्रित करने के बाद तकनीकी टीमों ने प्रभावित इकाई की स्थिति का आकलन शुरू किया।
MRPL का मंगलुरु स्थित परिसर एक बड़ी तेल रिफाइनरी है। ऐसे औद्योगिक परिसर में किसी उपकरण में विस्फोट होने की स्थिति में आसपास की इकाइयों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण हो जाती है। इस कारण घटना के तुरंत बाद फायर और सेफ्टी प्रोटोकॉल लागू किए गए।
धमाके के कारण आसपास की संपत्तियों को हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक कई जगहों पर खिड़कियों के शीशे टूटे हैं, जबकि कुछ मकानों में कंपन महसूस हुआ। प्रशासन के स्तर पर यह पता लगाया जा रहा है कि रिफाइनरी परिसर से बाहर कितना नुकसान हुआ है।
फिलहाल किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। घायलों का इलाज जारी है और गंभीर रूप से झुलसे कर्मचारी की स्थिति पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं। साथ ही तकनीकी जांच के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि हाई-प्रेशर उपकरण में खराबी किस वजह से आई और क्या घटना से पहले कोई चेतावनी या तकनीकी संकेत सामने आए थे।
इस बड़े औद्योगिक हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान केंद्रित हो गया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि विस्फोट तकनीकी खराबी, दबाव बढ़ने या किसी अन्य कारण से हुआ। अधिकारियों के लिए प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित करना, कर्मचारियों की स्थिति पर नजर रखना और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो इसके लिए जरूरी तकनीकी कदम उठाना होगा।
मंगलुरु के MRPL परिसर में हुआ यह विस्फोट अपनी तीव्रता के कारण आसपास के इलाकों तक महसूस किया गया। तेज धमाके, टूटती खिड़कियों और आसमान में उठते घने धुएं ने कुछ समय के लिए पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना दिया। आग पर नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन विस्फोट के वास्तविक कारण और रिफाइनरी को हुए कुल नुकसान की विस्तृत जांच अभी जारी है।