KARWAR/KUMTA/HONNAVAR. कारवार/कुमता/होन्नावर: मानसून के जोर पकड़ने के साथ ही भीषण गर्मी के दिन खत्म हो गए हैं। दो साल के अंतराल के बाद उत्तर कन्नड़ के तटीय तालुकों में बारिश तेज हो गई है। इससे बाढ़ से लेकर भूस्खलन तक की कई मुसीबतें सामने आई हैं और पानी से भरे गांवों का बाहरी दुनिया से संपर्क टूट गया है। भारी बारिश के कारण तटीय शहरों कारवार, अंकोला, कुमता, होन्नावर और भटकल में जलभराव हो गया है।
कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे राज्य और राष्ट्रीय राजमार्ग दोनों ही जलमग्न हैं। यहां बाढ़ जैसे हालात हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग National Highway 66 के किनारे कुमता में कई घर पानी में डूब गए हैं। दिनकर नाइक नाम के व्यक्ति का घर पानी में डूब गया, जिससे टेंट का सारा सामान नष्ट हो गया और कई लाख रुपये का नुकसान हुआ।
कुमता और होन्नावर तालुकों में भूस्खलन की खबरें आई हैं। होन्नावर तालुक Honnavar taluk में गुंडाबल नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। भारी बारिश के कारण भटकल में एनएच 66 पर पानी भर गया। रंगीकट्टा और अन्य स्थानों पर यातायात पूरी तरह से ठप्प हो गया। आजाद नगर और अन्य सड़कें पानी से भर गईं।