“टीम कर्नाटक” के रूप में काम करने और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का आह्वान : DK Shivakumar
Karnataka कर्नाटक: मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार को राज्य प्रशासन को सख्त संदेश देते हुए सभी सरकारी अधिकारियों से “टीम कर्नाटक” के रूप में मिलकर काम करने और राज्य को “भ्रष्टाचार मुक्त कर्नाटक” बनाने की दिशा में प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनता की सरकार से बहुत उम्मीदें हैं और इन अपेक्षाओं पर खरा उतरना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने यह बातें उस समय कही जब उन्होंने उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, जिला पंचायतों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, उप वन संरक्षकों और कैबिनेट सहयोगियों के साथ करीब 7 घंटे लंबी समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया।
डीके शिवकुमार ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी सरकारी कर्मचारियों को सुबह 10 बजे तक अपने कार्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा और उनकी उपस्थिति की निगरानी केंद्रीय स्तर पर की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकों की सुविधा के लिए सभी अधिकारियों को अपने कार्यालयों में संपर्क नंबर, पते और अन्य आवश्यक जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करनी होगी, ताकि लोगों को सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच मिल सके।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रशासन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे पूरी ईमानदारी और अनुशासन के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करें और जनता की समस्याओं के समाधान में तेजी लाएं।
अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों को किसी भी प्रकार के राजनीतिक या बाहरी दबाव में आने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है और यदि कोई अधिकारी अनुचित दबाव का सामना करता है, तो वह सीधे मुख्यमंत्री से संपर्क कर सकता है।
डीके शिवकुमार ने कहा, “मैंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा है कि वे मेरे दबाव में भी कोई गैरकानूनी काम न करें। यदि कहीं कोई अनुचित दबाव आता है तो उसके लिए एक हेल्पलाइन बनाई जाएगी, जिससे अधिकारी सीधे मुझसे संपर्क कर सकेंगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की छवि और कार्यप्रणाली को बेहतर बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और किसी भी स्थिति में सरकार को बदनाम होने से बचाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रशासन को पारदर्शी, उत्तरदायी और जनता-केंद्रित बनाना ही उनकी प्राथमिकता है।
इस बैठक को राज्य प्रशासन में सुधार और सख्त अनुशासन लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री के इन निर्देशों से स्पष्ट है कि सरकार प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव और सख्ती की दिशा में आगे बढ़ रही है, ताकि जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।