डोड्डाबल्लापुर। कर्नाटक के डोड्डाबल्लापुर में 21 वर्षीय महिला विद्या की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में हत्या के आरोपों का सामना कर रहे उसके पति आनंद का शव शुक्रवार को उसके पैतृक गांव के पास मिला। आनंद का शव गौरीबिदानूर तालुक के मुदागेरे गांव में एक झील के पास पेड़ से लटका मिला। पुलिस अब विद्या की मौत के साथ आनंद की मौत की परिस्थितियों की भी जांच कर रही है।

जानकारी के मुताबिक विद्या की मौत आनंद का शव मिलने से महज तीन दिन पहले हुई थी। विद्या गौरीबिदानूर तालुक के नागरागेरे की रहने वाली थी। उसने आनंद के साथ प्रेम विवाह किया था। दंपति की एक बेटी भी है। शादी के बाद दोनों डोड्डाबल्लापुर के गांधीनगर इलाके में किराए के मकान में रह रहे थे।

विद्या की मौत सामने आने के बाद आनंद पर संदेह गहरा गया था। मामले की जांच कर रही पुलिस को घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से महत्वपूर्ण जानकारी मिली। फुटेज में 15 सितंबर की सुबह विद्या और आनंद को एक साथ संबंधित परिसर में प्रवेश करते हुए देखा गया था। कुछ समय बाद आनंद को अकेले बाहर निकलते हुए देखा गया।

सिटी पुलिस इंस्पेक्टर मुथुराज के मुताबिक जांच में सामने आया कि आनंद कथित तौर पर विद्या का मोबाइल फोन अपने साथ ले गया था। इसके बाद उसने कमरा लॉक किया और वहां से निकलकर सीधे अपने पैतृक क्षेत्र मुदागेरे की ओर चला गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध जानकारियों के आधार पर उसकी तलाश शुरू की थी।

इस बीच शुक्रवार को मुदागेरे गांव में झील के पास एक पेड़ से आनंद का शव मिलने की सूचना मिली। स्थानीय लोगों की नजर शव पर पड़ने के बाद पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

आनंद की मौत प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला प्रतीत हो सकती है, लेकिन पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की परिस्थितियों पर अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकेगा। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विद्या की मौत के बाद आनंद किन लोगों के संपर्क में था और मुदागेरे पहुंचने के बाद उसकी गतिविधियां क्या थीं।

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत विद्या की संदिग्ध मौत से हुई थी। उसके शव की बरामदगी के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पति आनंद की गतिविधियां संदेह के दायरे में आईं। पुलिस के लिए सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण साक्ष्य बना, क्योंकि उसमें पति-पत्नी को साथ जाते और बाद में आनंद को अकेले बाहर आते देखा गया।

पुलिस अब उस समय के पूरे घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश कर रही है। विद्या की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई, उसके पहले पति-पत्नी के बीच क्या हुआ था और आनंद उसके बाद अचानक मुदागेरे क्यों चला गया—इन सवालों के जवाब जांच में तलाशे जा रहे हैं।

विद्या का मोबाइल फोन भी जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस उसके कॉल रिकॉर्ड, संदेश और अन्य डिजिटल जानकारी के जरिए यह समझने की कोशिश कर सकती है कि घटना से पहले दंपति की गतिविधियां क्या थीं। आनंद के मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच से भी मामले से जुड़ी जानकारी सामने आ सकती है।

प्रेम विवाह करने वाले विद्या और आनंद की एक बेटी होने के कारण यह घटना परिवार के लिए भी गहरा सदमा बन गई है। कुछ ही दिनों के अंतराल में पहले विद्या और फिर आनंद की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों की मौत के बीच कोई सीधा संबंध किस हद तक स्थापित होता है, यह जांच के बाद ही साफ होगा।

पुलिस के सामने अब दो अलग-अलग लेकिन आपस में जुड़े घटनाक्रमों की जांच की जिम्मेदारी है। पहला मामला विद्या की संदिग्ध मौत से जुड़ा है, जिसमें आनंद पर हत्या का आरोप लगाया गया था। दूसरा आनंद की मौत से संबंधित है, जिसकी परिस्थितियों की स्वतंत्र रूप से जांच की जा रही है।

आनंद की मौत के बावजूद विद्या की मौत की जांच बंद नहीं होगी। पुलिस उपलब्ध भौतिक और डिजिटल साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा गवाहों के बयानों के आधार पर घटनाक्रम की तह तक पहुंचने की कोशिश करेगी। यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उस दिशा में भी जांच आगे बढ़ सकती है।

पुलिस यह भी जांच सकती है कि विद्या और आनंद के बीच घटना से पहले किसी तरह का विवाद हुआ था या नहीं। परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और परिचितों से पूछताछ करके दंपति के संबंधों और हाल के घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा सकती है। हालांकि जांच पूरी होने से पहले किसी संभावित कारण को निश्चित मानना उचित नहीं होगा।

सीसीटीवी में आनंद का अकेले बाहर निकलना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन केवल इसी आधार पर हत्या का आरोप साबित नहीं होता। किसी आपराधिक मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का मिलान आवश्यक होता है।

इसी तरह आनंद का शव पेड़ से लटका मिलने के आधार पर उसकी मौत को अंतिम रूप से आत्महत्या घोषित करना भी जांच से पहले उचित नहीं होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल की जांच से मौत के कारण और समय के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

फिलहाल पुलिस दोनों मौतों से जुड़ी कड़ियों को जोड़ रही है। तीन दिन के भीतर पति-पत्नी की मौत से मामला और जटिल हो गया है। जांच एजेंसियों की प्राथमिकता अब उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट करना है कि विद्या की मौत कैसे हुई और इसके बाद आनंद की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

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