उडुपी। कर्नाटक के गंगोली जिले में बुधवार को अरब सागर में एक बड़ा हादसा टल गया। तेज लहर की चपेट में आने से मछली पकड़ने वाली एक नाव पलट गई, लेकिन समय रहते चलाए गए बचाव अभियान के कारण नाव पर सवार सभी 27 मछुआरों को सुरक्षित बचा लिया गया।
जानकारी के अनुसार, मछली पकड़ने वाली नाव ‘श्री बालंजनेया’ बुधवार दोपहर गंगोली मैंगनीज जेटी से समुद्र में मछली पकड़ने के लिए रवाना हुई थी। नाव में 27 मछुआरे सवार थे। समुद्र में कुछ दूर जाने के बाद अचानक मौसम और समुद्री हालात खराब हो गए।
अधिकारियों के मुताबिक, दोपहर करीब 3:30 बजे गंगोली समुद्री मुहाने से लगभग 3 नॉटिकल मील दूर नाव तेज लहर की चपेट में आ गई। तेज झटके के कारण नाव का निचला हिस्सा यानी हल क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद नाव में तेजी से पानी भरने लगा और वह धीरे-धीरे डूबने लगी।
नाव पर मौजूद मछुआरों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मदद के लिए सूचना दी। जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव दल सक्रिय हो गए। गंगोली सीएसपी स्टेशन की टीम ने तुरंत घटनास्थल की ओर रवाना होकर राहत अभियान शुरू किया।
बचाव अभियान में गंगोली CSP स्टेशन के PI रमेश के., PSI सुब्रह्मण्य और पुलिस स्टाफ के सदस्यों ने अहम भूमिका निभाई। टीम के साथ युवराज, राघवेंद्र, रमेश, नागराज खारवी, नागेश खारवी और किरण समेत अन्य लोग मौके पर पहुंचे।
इसके अलावा KND सदस्यों ने भी बचाव कार्य में सहयोग किया। संतोष खारवी और संदेश ने ‘सुमुखा’ और ‘मत्यमृत (श्रीनिधि)’ नावों की मदद से घटनास्थल पर पहुंचकर मछुआरों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान चलाया।
समुद्र में चलाए गए इस अभियान के दौरान बचाव दल ने सभी 27 मछुआरों को सुरक्षित निकाल लिया। समय पर कार्रवाई होने के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। बचाए गए सभी मछुआरों की हालत सामान्य बताई गई है।
अधिकारियों ने बताया कि नाव को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए भी प्रयास किए गए। समुद्र में अचानक आने वाली तेज लहरों और खराब मौसम के कारण मछुआरों को कई बार ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय मछुआरा समुदाय ने बचाव दल की तत्परता की सराहना की। लोगों ने कहा कि अगर समय पर मदद नहीं पहुंचती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। पुलिस और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से सभी मछुआरों की जान बचाई जा सकी।
समुद्री क्षेत्रों में काम करने वाले मछुआरों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन लगातार सतर्क रहता है। खासकर मानसून के दौरान समुद्र में तेज हवाओं और ऊंची लहरों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे समय में मछुआरों को मौसम की जानकारी लेकर ही समुद्र में जाने की सलाह दी जाती है।
इस घटना के बाद अधिकारियों ने एक बार फिर मछुआरों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि समुद्र में जाने से पहले नाव की तकनीकी स्थिति और मौसम की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए।
फिलहाल गंगोली में हुआ यह हादसा राहत और बचाव दल की तत्परता के कारण बिना किसी जनहानि के टल गया। सभी 27 मछुआरों के सुरक्षित बचने से उनके परिवारों ने राहत की सांस ली है।