Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक के बीदर जिले में स्थित ब्रिम्स सरकारी अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात एक डॉक्टर पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना गुरुवार देर रात की बताई जा रही है, जब अस्पताल परिसर में मेडिको लीगल सर्टिफिकेट (MLC) को लेकर विवाद बढ़ गया और डॉक्टर पर हमला कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, अस्पताल में तैनात डॉक्टर डॉ. तुकाराम मछिंद्र उस समय ड्यूटी पर थे जब एक सड़क दुर्घटना में घायल मरीज विजय सिंह तुकाराम को उपचार के लिए लाया गया था। मरीज को बेनाकनहल्ली गांव का निवासी बताया गया है। इलाज के दौरान जब एमएलसी प्रक्रिया को लेकर डॉक्टर और मरीज के परिजनों के बीच बातचीत हुई, तो विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया।
बताया जा रहा है कि मरीज के रिश्तेदारों ने डॉक्टर पर एमएलसी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए और देखते ही देखते बहस मारपीट में बदल गई। आरोप है कि इस दौरान डॉक्टर के साथ बुरी तरह से मारपीट की गई और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के समय अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही अस्पताल के अन्य कर्मचारी और स्टाफ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। स्टाफ की तत्परता के कारण मामला और अधिक गंभीर होने से बच गया। घायल डॉक्टर को तुरंत इलाज उपलब्ध कराया गया।
घटना के बाद डॉ. तुकाराम मछिंद्र ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर जांच शुरू की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आदित्य तजालपुर, विनोद चंबोल, गोविंद बेनाकनल्ली, अनिल बेनाकनल्ली, महादेवा बेनाकनल्ली, बालाजी तजालपुर और पवन चंबोल के रूप में की गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि विवाद की मुख्य वजह एमएलसी प्रक्रिया को लेकर असहमति थी। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले की आगे की जांच जारी है।
अस्पताल प्रशासन ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा है कि चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। वहीं, स्थानीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर चिंता जताई जा रही है।
पुलिस ने कहा है कि अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी समीक्षा की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल घायल डॉक्टर की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।