बेंगलुरु: कर्नाटक में प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जनता दल (सेक्युलर) यानी जेडीएस युवा विंग के राज्य अध्यक्ष निखिल कुमारस्वामी ने उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बयानों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में जनता को भ्रमित कर रही है।
निखिल कुमारस्वामी ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री खुद के लिखे हुए नाटक के डायलॉग बोल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर सरकार की नीयत और फैसलों में विरोधाभास दिखाई दे रहा है।
बिदादी परियोजना पर सरकार को घेरा
बागलकोट के सूखा प्रभावित क्षेत्रों के दौरे के दौरान केंद्रूर गांव में पत्रकारों से बातचीत करते हुए निखिल कुमारस्वामी ने बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री के रुख पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एक तरफ परियोजना की समीक्षा के लिए कमेटी बनाने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ तीन गांवों के लिए अंतिम अधिसूचना जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इन दोनों बातों में अंतर दिखाई देता है और इससे सरकार की मंशा पर सवाल उठते हैं।
निखिल कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से अलग-अलग बयान दिए जा रहे हैं, जिससे किसानों और स्थानीय लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
समीक्षा कमेटी के ऐलान पर उठाए सवाल
बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर बढ़ते विरोध के बीच मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने हाल ही में परियोजना की समीक्षा के लिए कमेटी बनाने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि किसानों की जमीन जबरन अधिग्रहित नहीं की जाएगी और सभी पहलुओं की जांच के बाद ही आगे निर्णय लिया जाएगा।
निखिल कुमारस्वामी ने इसी घोषणा को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में समीक्षा करना चाहती है तो फिर अधिसूचना जारी करने की जल्दबाजी क्यों की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के फैसले और बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खाते।
किसानों के मुद्दे पर राजनीति तेज
बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर किसानों की चिंताएं लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय किसानों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण से उनकी खेती और आजीविका प्रभावित हो सकती है।
विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं। बीजेपी के बाद अब जेडीएस ने भी परियोजना को लेकर कांग्रेस सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
विपक्ष का आरोप है कि सरकार किसानों के हितों की अनदेखी कर बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दे रही है।
सरकार विकास परियोजना के पक्ष में
वहीं, राज्य सरकार का कहना है कि बिदादी टाउनशिप जैसी परियोजनाएं क्षेत्र के विकास, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण हैं।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाकर कोई कदम नहीं उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा था कि जो लोग अपनी इच्छा से जमीन देना चाहते हैं, केवल उन्हीं की जमीन लेने पर विचार किया जाएगा।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप बढ़े
बिदादी टाउनशिप परियोजना अब केवल विकास योजना का मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि यह राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुकी है। विपक्ष सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहा है, जबकि कांग्रेस इसे राज्य के विकास से जोड़कर देख रही है।
निखिल कुमारस्वामी के बयान के बाद इस मामले में सियासी गर्मी और बढ़ गई है। उन्होंने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि जनता को स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए कि परियोजना को लेकर वास्तविक नीति क्या है।
जांच और फैसले पर टिकी नजर
फिलहाल बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर सरकार की ओर से समीक्षा प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही गई है। आने वाले समय में बनने वाली कमेटी और उसकी रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।
राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब किसानों और स्थानीय लोगों की नजर सरकार के अगले कदम पर है। यह देखना अहम होगा कि समीक्षा के बाद परियोजना को लेकर सरकार क्या फैसला लेती है और किसानों की चिंताओं का किस तरह समाधान किया जाता है।