बेंगलुरु: कर्नाटक के CEO अधिकारियों ने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के दौरान वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरने वाले नागरिकों को एक अतिरिक्त डिक्लेरेशन फॉर्म भरना होगा और 27 अक्टूबर तक अपनी मैपिंग डिटेल्स जमा करनी होंगी, जब फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश होगी।

यह घोषणा ECI के उस बयान के बाद आई है जिसमें कहा गया था कि जिन राज्यों में SIR प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां नए वोटर्स को अतिरिक्त डिक्लेरेशन शीट भरने की ज़रूरत नहीं है। हालांकि, जिन राज्यों में SIR प्रक्रिया चल रही है, वहां सभी नए आवेदकों को फॉर्म-6 के साथ डिक्लेरेशन फॉर्म भी भरना होगा।

डिक्लेरेशन फॉर्म उस एन्यूमरेशन फॉर्म जैसा ही है जिसे हर नागरिक ने SIR प्रक्रिया के पहले चरण में घर-घर जाकर वेरिफिकेशन के दौरान भरा था। डिक्लेरेशन फॉर्म में वोटर्स की डिटेल्स मांगी जाती हैं, जिसमें पिछले SIR की जानकारी और पिछली SIR प्रक्रिया में दिए गए रिश्तेदारों की डिटेल्स शामिल हैं।

यह ऐसे समय में हो रहा है जब विपक्षी पार्टियों ने SIR, नाम हटाने और मैपिंग प्रक्रिया पर चिंता जताई है और CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग भी की है। हालांकि, फॉर्म-6 में सवाल नंबर 10, जिसमें परिवार के सदस्य का नाम, आवेदक के साथ रिश्ता और EPIC नंबर की डिटेल्स मांगी जाती हैं, बना रहेगा। अधिकारी ने कहा कि वोटर और उनकी संतान की मैपिंग डिटेल्स इकट्ठा करने की प्रक्रिया SIR के तहत फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश होने तक जारी रहेगी। सवाल नंबर 10 हमेशा से फॉर्म-6 का हिस्सा रहा है, और नाम जोड़ने या हटाने के लिए कोई नया सवाल शामिल नहीं किया जा रहा है।

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