रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बजट-पूर्व गोष्ठी 2026-27 आयोजित
Jharkhand झारखंड: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को रांची में आगामी बजट 2026-27 को लेकर बजट-पूर्व गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी में राज्य के प्रमुख मंत्रियों, विभागीय अधिकारियों और आर्थिक विशेषज्ञों ने भाग लिया। गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य आगामी वित्तीय वर्ष के लिए रणनीतिक प्राथमिकताएं तय करना और राज्य के विकास के विभिन्न क्षेत्रों पर गहन विचार-विमर्श करना था। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गोष्ठी की शुरुआत करते हुए कहा कि बजट केवल खर्च का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह राज्य की विकास यात्रा का मार्गदर्शन करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आगामी बजट में सभी क्षेत्रों में संतुलित और समावेशी विकास सुनिश्चित करना प्राथमिकता होगी।
गोष्ट्ठी में शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक विभाग को अपने कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी चाहिए और आगामी बजट में उन योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए जो सीधे आम जनता के जीवन को बेहतर बनाने में मदद करें। विशेष रूप से ग्रामीण विकास और किसानों के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि, पशुपालन और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली योजनाओं को बजट में पर्याप्त स्थान दिया जाएगा। इसके अलावा, राज्य में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए नए निवेश की जरूरत पर भी बल दिया गया।
गोष्ट्ठी में आधुनिक आधारभूत संरचना, सड़क नेटवर्क, बिजली और जल आपूर्ति परियोजनाओं पर भी रणनीतिक चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में परियोजनाओं की समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और मूल्यांकन प्रणाली को मजबूत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य में रोजगार सृजन और निवेश आकर्षित करने के लिए बजट को निवेश-अनुकूल और रोजगार केंद्रित बनाया जाएगा। उन्होंने विभागों को निर्देश दिया कि वे बजट तैयार करते समय वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करें।
गोष्ट्ठी के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों और अधिकारियों को आगामी बजट में जनता के हित को सर्वोपरि रखने और प्रत्येक योजना के प्रभावशीलता पर ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बजट का उद्देश्य केवल आर्थिक आंकड़ों का वितरण नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समावेशी विकास सुनिश्चित करना भी है। इस प्रकार बजट-पूर्व गोष्ठी ने राज्य सरकार की नीति प्राथमिकताओं और वित्तीय योजनाओं के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है, जिससे झारखंड के समग्र विकास में तेजी आएगी और जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।