Jharkhand: देवघर के Marmunda प्रखंड में मनरेगा कर्मियों की 100 दिनों से चल रही हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है। हड़ताल खत्म होने के बाद सभी कर्मी काम पर लौट आए और उनके चेहरों पर राहत और खुशी साफ देखी गई। लंबे समय से बंद पड़े मनरेगा कार्यों के फिर से शुरू होने की उम्मीद से ग्रामीण विकास कार्यों में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, रोजगार सेवक विभिन्न मांगों को लेकर पिछले करीब 100 दिनों से हड़ताल पर थे। इस दौरान मनरेगा से जुड़े कई विकास कार्य प्रभावित हुए और योजनाओं की गति धीमी पड़ गई थी। स्थिति को देखते हुए प्रशासन लगातार कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील कर रहा था।
सोमवार को मनरेगा संघ के प्रखंड अध्यक्ष सुनील मुर्मू के नेतृत्व में सभी रोजगार सेवक प्रखंड कार्यालय पहुंचे और बीडीओ शशि संदीप सोरेन को लिखित आवेदन देकर दोबारा कार्यभार संभालने की जानकारी दी। इसके साथ ही हड़ताल समाप्त होने की आधिकारिक घोषणा की गई।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि कर्मचारियों की मांगों पर सरकार से वार्ता की प्रक्रिया पहले ही चल रही थी, जिसके बाद सहमति बनने पर हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद सभी कर्मियों ने अपने-अपने कार्यों की जिम्मेदारी फिर से संभाल ली।
हड़ताल खत्म होने के बाद प्रखंड क्षेत्र में रुके हुए मनरेगा कार्यों के फिर से शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। इससे ग्रामीण इलाकों में रोजगार और विकास योजनाओं को नई गति मिलेगी।
बैठक के दौरान कई रोजगार सेवक जैसे झुपर मरांडी, राम चंद्र पंडित, अमित कुमार सिंह, संतोष बेसरा और अन्य मौजूद रहे। सभी ने दोबारा काम शुरू कर व्यवस्था को पटरी पर लाने की बात कही।
प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि अब सभी योजनाएं सामान्य रूप से संचालित होंगी और ग्रामीण विकास कार्यों में तेजी आएगी।