JPSC 14वीं समेत अन्य परीक्षाओं में अनियमितता मामले में CID की बड़ी कार्रवाई

Update: 2026-07-24 04:15 GMT

रांची :  झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा समेत अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। सीआईडी की टीम ने जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन एल ख्यांगते के आवास और आयोग स्थित उनके कार्यालय कक्ष पर छापेमारी की। इसके अलावा जेपीएससी कार्यालय और परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के दफ्तर में भी जांच की गई।

सूत्रों के अनुसार, सीआईडी की टीम ने छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की। जांच एजेंसी का उद्देश्य परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्र तैयार करने, मूल्यांकन प्रक्रिया और परिणाम जारी करने में किसी तरह की गड़बड़ी हुई थी या नहीं, इसका पता लगाना है। हालांकि, छापेमारी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

जेपीएससी की 14वीं परीक्षा को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि परीक्षा आयोजन के दौरान नियमों का उल्लंघन हुआ था या किसी स्तर पर जानबूझकर गड़बड़ी की गई थी।

गुरुवार सुबह सीआईडी की अलग-अलग टीमों ने एक साथ कई स्थानों पर कार्रवाई शुरू की। टीमों ने पूर्व चेयरमैन एल ख्यांगते के आवास पर पहुंचकर दस्तावेजों की जांच की। इसके बाद जेपीएससी मुख्यालय स्थित उनके कार्यालय कक्ष को भी खंगाला गया। अधिकारियों ने आयोग में मौजूद पुराने रिकॉर्ड, फाइलों और परीक्षा से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की।

इसके साथ ही परीक्षा संचालन एजेंसी टीडीपीएल के कार्यालय में भी सीआईडी ने जांच की। एजेंसी की भूमिका परीक्षा के आयोजन, तकनीकी प्रक्रिया और डेटा प्रबंधन से जुड़ी रही है। ऐसे में जांच एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि परीक्षा संचालन के दौरान डेटा सुरक्षा, अभ्यर्थियों की जानकारी और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं में कोई अनियमितता तो नहीं हुई।

सीआईडी की कार्रवाई को मामले की जांच में अहम कदम माना जा रहा है। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि परीक्षा से जुड़े निर्णय लेने वाले अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के बीच किसी तरह का तालमेल या अनियमित गतिविधि तो नहीं हुई। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा सकती है।

जेपीएससी परीक्षाओं को लेकर पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं। अभ्यर्थियों ने कई बार परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग को लेकर आंदोलन किया है। आयोग की परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी से हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य पर असर पड़ता है, इसलिए मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

सीआईडी अधिकारियों ने छापेमारी के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। जांच के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और लोगों से पूछताछ हो सकती है। सीआईडी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और एजेंसी के प्रतिनिधियों से जानकारी जुटा सकती है। यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल सीआईडी की यह कार्रवाई जेपीएससी की विवादित परीक्षाओं की जांच में एक महत्वपूर्ण चरण मानी जा रही है। अभ्यर्थियों और आम लोगों की नजर अब जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई और रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

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