भूमि अधिग्रहण घोटाले में न्यायिक प्रक्रिया तेज

Update: 2026-06-24 13:52 GMT

Jharkhand: झारखंड हाईकोर्ट में धनबाद भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाला मामले में 18 आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई। यह सुनवाई जस्टिस राजेश कुमार की अदालत में हुई, जिसमें राज्य सरकार और आरोपियों दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से दिए गए जवाब को अदालत ने संतोषजनक नहीं माना और बिंदुवार विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

मामले में विशाल कुमार सहित कुल 18 आरोपियों ने जमानत की मांग की है। इन आरोपियों में सुशील प्रसाद, अशोक कुमार महथा, कुमारी रत्नाकर, दिलीप गोप, बापी राय चौधरी, सुमेश्वर शर्मा, शंकर प्रसाद दुबे, अनिल कुमार, नीलम सिन्हा, हर्ष कुमार, उमेश महतो, उदय कांत पाठक, राम कृपाल गोस्वामी, रविंद्र कुमार, आलोक बरियार, काली प्रसाद सिंह और अनुपम कुमारी शामिल हैं। सभी ने अदालत से राहत देने की अपील की है।

यह मामला कथित रूप से भूमि अधिग्रहण के दौरान फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपये के मुआवजे के भुगतान से जुड़ा है। आरोप है कि वास्तविक रैयतों के बजाय अन्य लोगों को गलत तरीके से मुआवजा राशि दी गई। जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे मामले में भू-माफिया, कुछ सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों की मिलीभगत शामिल थी, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा।

इस केस में 9 जनवरी को आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी और तब से सभी न्यायिक हिरासत में हैं। मामले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) धनबाद द्वारा की जा रही है।

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को अगली सुनवाई से पहले सभी बिंदुओं पर विस्तृत जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 जून को होगी। इसी दिन जमानत याचिकाओं पर आगे की कार्रवाई तय होने की संभावना है, जिस पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं।

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