रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक मामले में सीआइडी ने शनिवार को सुरेश राय को गिरफ्तार कर लिया। वह मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल है और बोकारो जिले के दुग्धा थाना क्षेत्र स्थित न्यू बीसीसीएल कॉलोनी का रहनेवाला है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। सीआइडी उसके बेटे उमेश राय को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में पिता-पुत्र की कथित भूमिका सामने आने के बाद दोनों की गिरफ्तारी को इस प्रकरण में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सीआइडी की जांच में सुरेश राय के दुग्धा स्थित आवास पर परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को जुटाए जाने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि पेपर लीक होने के बाद इसी आवास पर बड़े पैमाने पर धांधली की गई। जांच के अनुसार, यहां 30 से अधिक अभ्यर्थियों को अवैध तरीके से एकत्र किया गया था। उन्हें परीक्षा से पहले प्रश्न और उनके उत्तर रटवाने का आरोप है, ताकि परीक्षा में वे इस जानकारी का लाभ उठा सकें।
सुरेश राय की गिरफ्तारी से पहले सीआइडी ने उसके बेटे उमेश राय को गिरफ्तार किया था। अब पिता को भी न्यायिक
हिरासत
में भेज दिया गया है। जांच में दोनों की कथित भूमिका सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में पिता और पुत्र के अलग-अलग कामों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। फिलहाल प्रमुख आरोप सुरेश राय के आवास पर अभ्यर्थियों को एकत्र करने और परीक्षा से पहले प्रश्न-उत्तर उपलब्ध कराने से संबंधित है।
जांच में सामने आया आवास इस मामले का अहम स्थान है। सीआइडी के अनुसार, बोकारो के दुग्धा में स्थित सुरेश राय के घर पर 30 से अधिक अभ्यर्थियों को जुटाया गया था। संख्या के इस विवरण से आरोपों का दायरा किसी एक अभ्यर्थी तक सीमित नहीं रहता। आरोप है कि वहां एकत्र अभ्यर्थियों को प्रश्नों के साथ उनके उत्तर भी रटवाए गए। इस कथित गतिविधि का उद्देश्य परीक्षा में उन्हें अनुचित लाभ दिलाना बताया गया है।
पेपर लीक और प्रश्न-उत्तर रटवाने के आरोप इस प्रकरण के दो जुड़े हुए पहलू हैं। जांच के अनुसार, प्रश्नपत्र लीक होने के बाद अभ्यर्थियों को सुरेश राय के आवास पर एकत्र किया गया। इसके बाद परीक्षा से पहले सवालों और उनके जवाबों की जानकारी देने का आरोप है। इस घटनाक्रम में प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग होने के साथ लीक सामग्री को अभ्यर्थियों तक पहुंचाने की कथित व्यवस्था सामने आई है। सीआइडी की कार्रवाई इसी मामले से संबंधित है।
अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्नों और उत्तरों की जानकारी मिलने का आरोप परीक्षा की निष्पक्षता से सीधे जुड़ा है। ऐसी जानकारी उपलब्ध होने पर संबंधित अभ्यर्थियों को अन्य परीक्षार्थियों के मुकाबले अनुचित लाभ मिल सकता है। इस मामले में भी आरोप यही है कि पहले से सवाल-जवाब रटवाकर परीक्षा में लाभ लेने की तैयारी कराई गई थी। हालांकि, किन अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी और उनके परिणाम क्या रहे, इसका विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
सीआइडी को आशंका है कि इस कथित धांधली के पीछे अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलने की साजिश थी। यह फिलहाल जांच एजेंसी की आशंका है। उपलब्ध विवरण में किसी निश्चित राशि, भुगतान के तरीके या रकम की बरामदगी का उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए पैसे के लेनदेन को लेकर कोई तय आंकड़ा नहीं बताया जा सकता। प्रश्न-उत्तर रटवाने के आरोप के साथ आर्थिक लाभ लेने की आशंका भी मामले का हिस्सा बनी हुई है।
सुरेश राय को न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। यह गिरफ्तारी के बाद की न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित घटनाक्रम है। मामले में उसके खिलाफ जांच के दौरान आरोप सामने आए हैं। गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत को दोषसिद्धि के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। अभी खबर का प्रमुख तथ्य उसकी गिरफ्तारी है, जबकि आवास पर धांधली, अभ्यर्थियों को जुटाने और प्रश्न-उत्तर रटवाने की बातें जांच तथा आरोपों के आधार पर सामने आई हैं।
पिता-पुत्र की गिरफ्तारी के कारण इस मामले में उनके कथित संबंध और भूमिका पर ध्यान गया है। उमेश राय की गिरफ्तारी पहले हो चुकी थी और अब सुरेश राय भी जेल भेज दिया गया है। जांच में दोनों की भूमिका सामने आने की जानकारी दी गई है। लेकिन प्रश्नपत्र कहां से मिला, उसे आवास तक किसने पहुंचाया और अभ्यर्थियों को किस माध्यम से बुलाया गया, इन पहलुओं का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है। इनके बारे में अतिरिक्त दावा नहीं किया जा सकता।
जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक प्रकरण में सीआइडी की यह कार्रवाई अभ्यर्थियों तक कथित रूप से लीक प्रश्न पहुंचाने के आरोपों से जुड़ी है। सुरेश राय के आवास पर 30 से अधिक अभ्यर्थियों की मौजूदगी और परीक्षा से पहले उत्तर रटवाने की जानकारी जांच में सामने आई है। मामले में मुख्य आरोपियों में शामिल सुरेश राय की गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उसके बेटे की गिरफ्तारी भी इसी जांच में पहले हो चुकी है।
फिलहाल जांच के प्रमुख बिंदुओं में पिता-पुत्र की कथित भूमिका, आवास पर अभ्यर्थियों को जुटाने की व्यवस्था और रकम वसूलने की आशंका शामिल हैं। शनिवार की कार्रवाई से सुरेश राय भी गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हो गया है। सीआइडी के अनुसार, उसके घर पर परीक्षा से पहले प्रश्न और उत्तर रटवाए गए थे। इस आरोप तथा आर्थिक लेनदेन की आशंका से संबंधित आगे के तथ्य जांच के निष्कर्षों से स्पष्ट होंगे।