Jharkhand Power Supply: झारखंड में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत और तेज बनाने के लिए झारखंड ऊर्जा विकास निगम (JBVNL) ने बड़ा कदम उठाया है। निगम के सीएमडी के. श्रीनिवासन ने सभी विद्युत आपूर्ति प्रमंडलों में 24x7 सक्रिय रहने वाली स्पेशल गैंग गठित करने के निर्देश दिए हैं। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद बिजली फॉल्ट होने पर उसका तुरंत समाधान किया जा सकेगा और उपभोक्ताओं को लंबे समय तक बिजली कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा।
सीएमडी ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा बैठक में कहा कि फॉल्ट को जल्द से जल्द ठीक करने के लिए हर प्रमंडल में एक विशेष टीम बनाई जाएगी। इस टीम में एक कुशल श्रमिक और दो अकुशल श्रमिक शामिल होंगे। इसके साथ ही टीम को एक वाहन भी उपलब्ध कराया जाएगा ताकि वे तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर मरम्मत कार्य शुरू कर सकें। यह स्पेशल गैंग 24 घंटे और सातों दिन काम करेगी।
फॉल्ट पर तुरंत कार्रवाई का सिस्टम
नई व्यवस्था के तहत जैसे ही किसी क्षेत्र में बिजली फॉल्ट की सूचना मिलेगी, स्पेशल गैंग तुरंत मौके पर पहुंचेगी और मरम्मत कार्य शुरू कर देगी। इससे बिजली बाधित रहने का समय कम होगा और उपभोक्ताओं को तेजी से सुविधा मिल सकेगी।
ट्रांसफार्मर और पोल की पर्याप्त उपलब्धता
बैठक में यह भी तय किया गया कि कई बार पोल और ट्रांसफार्मर की कमी के कारण बिजली बहाली में देरी होती है। इसे देखते हुए सभी प्रमंडलों में पर्याप्त संख्या में पोल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत उन्हें लगाया जा सके।
इसके साथ ही 25 केवीए, 63 केवीए, 100 केवीए और 200 केवीए क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों का पर्याप्त स्टॉक रखने का आदेश दिया गया है। इससे ट्रांसफार्मर खराब होने की स्थिति में तुरंत उसे बदला जा सकेगा और बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होगी।
गुणवत्ता और मॉनिटरिंग पर जोर
सीएमडी ने अधिकारियों को ट्रांसफार्मर की नियमित निगरानी करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण उपकरणों के इस्तेमाल और समय-समय पर जांच से खराबी की घटनाओं में कमी आएगी।
निदेशक (डीएंडपी) को भी ट्रांसफार्मर की स्थिति की लगातार समीक्षा करने को कहा गया है। विभाग का उद्देश्य है कि फील्ड स्तर पर संसाधनों की कमी न रहे और हर समस्या का समाधान तुरंत किया जा सके।
उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
इस नई व्यवस्था से राज्य के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अब फॉल्ट होने पर लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और बिजली आपूर्ति जल्द बहाल की जा सकेगी। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बिजली सेवा और अधिक विश्वसनीय बनने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।