जमशेदपुर। झारखंड के जमशेदपुर में दुर्गा पूजा के दौरान आयोजित गरबा कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। वीडियो में कुछ लोग कथित तौर पर हिंदू संगठन से जुड़े हुए हैं और गरबा कार्यक्रम में पहुंचे मुस्लिम युवकों से उनकी पहचान पूछते तथा उन्हें कार्यक्रम से दूर रहने की हिदायत देते दिखाई दे रहे हैं। इस घटना पर झारखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि झारखंड में किसी को भी कानून हाथ में लेने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मंत्री ने जमशेदपुर के एसपी, डीसी और झारखंड के डीजीपी से 24 घंटे के भीतर कठोर कार्रवाई करने को कहा है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है।

15 अक्टूबर के गरबा कार्यक्रम का वीडियो वायरल

जानकारी के अनुसार, यह मामला 15 अक्टूबर 2026 को जमशेदपुर में आयोजित एक डांडिया-गरबा कार्यक्रम से जुड़ा बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में कुछ लोग कार्यक्रम में पहुंचे युवकों से उनका नाम और धार्मिक पहचान पूछते नजर आते हैं।

रिपोर्टों के मुताबिक, एक मुस्लिम युवक अपनी महिला मित्र के साथ कार्यक्रम में पहुंचा था। वहां मौजूद कुछ लोगों ने युवक की धार्मिक पहचान पर आपत्ति जताई और उससे पूछताछ शुरू कर दी।

वीडियो में एक व्यक्ति खुद को हिंदू संगठन से जुड़ा रवि सिंह बताता है और युवती की मां से बातचीत कराने की मांग करता है। इस दौरान युवती अपने मित्र को परेशान किए जाने का विरोध करती दिखाई देती है।

हालांकि, युवक द्वारा जानबूझकर पहचान छिपाने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मंत्री बोले- यह उत्तर प्रदेश नहीं, झारखंड है

वायरल वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने लिखा कि झारखंड में खुलेआम दादागिरी और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मंत्री ने कहा, "यह उत्तर प्रदेश नहीं, झारखंड है।" उन्होंने राज्य को आपसी भाईचारे, प्रेम और गंगा-जमुनी तहजीब की धरती बताया।

अंसारी ने कहा कि झारखंड में सभी समुदायों के लोग अपने-अपने त्योहार मनाते आए हैं। यहां ईद और दिवाली दोनों त्योहार आपसी सद्भाव के साथ मनाए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति या संगठन को सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

एसपी, डीसी और डीजीपी को 24 घंटे में कार्रवाई करने को कहा

मंत्री इरफान अंसारी ने जमशेदपुर पुलिस और जिला प्रशासन से इस मामले को गंभीरता से लेने को कहा है।

उन्होंने जमशेदपुर के एसपी, उपायुक्त और झारखंड के पुलिस महानिदेशक से 24 घंटे के भीतर कठोर कार्रवाई करने की मांग की।

अंसारी ने अपने बयान में कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने कानून का उल्लंघन किया है या किसी को धमकाने का प्रयास किया है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने संबंधित लोगों की पहचान कर दोषियों को गिरफ्तार करने और जेल भेजने की मांग भी की।

हालांकि, मंत्री की ओर से कार्रवाई की मांग किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि वीडियो में दिखाई देने वाले सभी व्यक्तियों के खिलाफ अपराध सिद्ध हो गया है। यह निर्णय पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही हो सकता है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से हस्तक्षेप की अपील

कैबिनेट मंत्री ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी मामले का संज्ञान लेने का अनुरोध किया है।

उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान सामाजिक सद्भाव और विभिन्न समुदायों के बीच आपसी सम्मान से जुड़ी रही है।

अंसारी ने मुख्यमंत्री से राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत बनाए रखने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की।

मंत्री का कहना है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान किसी भी व्यक्ति के साथ धमकी या अपमानजनक व्यवहार होने की शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

भाजपा नेता भानु प्रताप शाही ने दी प्रतिक्रिया

इरफान अंसारी के बयान के बाद भाजपा विधायक और प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने भी इस मामले में प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जमशेदपुर के डांडिया कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ दबाव बनाकर झूठी कार्रवाई कराई गई, तो इसका विरोध किया जाएगा।

शाही ने अपने सोशल मीडिया बयान में मंत्री के रुख पर आपत्ति जताते हुए आयोजकों के खिलाफ अनुचित कार्रवाई नहीं करने की बात कही।

इस प्रतिक्रिया के बाद गरबा कार्यक्रम से शुरू हुआ विवाद राजनीतिक बहस में बदल गया है।

भाजपा महानगर अध्यक्ष ने भी उठाए सवाल

भाजपा के जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने भी मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया दी है।

उन्होंने कहा कि डांडिया और गरबा माता दुर्गा की आराधना तथा सनातन संस्कृति से जुड़े धार्मिक आयोजन हैं।

सिन्हा का कहना है कि यदि किसी कार्यक्रम में पहचान छिपाकर प्रवेश करने या आयोजकों के नियमों का उल्लंघन करने की शिकायत मिलती है, तो प्रशासन को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। हालांकि, आयोजनों की सुरक्षा और धार्मिक परंपराओं से संबंधित सवाल उठाने वाले संगठनों को निशाना बनाना भी उचित नहीं है।

बिष्टूपुर पुलिस कर रही मामले की जांच

वायरल वीडियो और उससे जुड़े विवाद को लेकर पुलिस ने भी जांच शुरू की है।

पूर्वी सिंहभूम के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. एहतेशाम वकारिब के अनुसार, बिष्टूपुर पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से पड़ताल कर रही है।

एक रिपोर्ट में मंत्री इरफान अंसारी ने एक युवक को पूछताछ के लिए पुलिस द्वारा ले जाने की बात कही है। हालांकि, एसएसपी ने स्पष्ट किया कि उस समय तक किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हुई थी।

पुलिस जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान वास्तव में क्या हुआ और संबंधित लोगों की क्या भूमिका रही।

धार्मिक आयोजन में पहचान जांच को लेकर उठे सवाल

जमशेदपुर में सामने आए इस विवाद ने धार्मिक आयोजनों में प्रवेश, पहचान की जांच और व्यक्तिगत सम्मान से जुड़े मुद्दों को चर्चा में ला दिया है।

किसी भी आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना आयोजकों और प्रशासन की जिम्मेदारी है। साथ ही सार्वजनिक कार्यक्रमों में किसी व्यक्ति को धमकाने, अपमानित करने या उसके साथ जबरदस्ती करने की शिकायत की निष्पक्ष जांच भी आवश्यक है।

धार्मिक आयोजनों से जुड़े विवादों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और सभी पक्षों के अधिकारों का सम्मान करना महत्वपूर्ण है।

पुलिस कार्रवाई पर टिकी निगाहें

फिलहाल जमशेदपुर के गरबा कार्यक्रम का वायरल वीडियो झारखंड की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।

एक ओर कैबिनेट मंत्री इरफान अंसारी ने पुलिस-प्रशासन से 24 घंटे के भीतर कठोर कार्रवाई करने को कहा है, वहीं भाजपा नेताओं ने निष्पक्ष जांच और आयोजकों के खिलाफ गलत कार्रवाई नहीं करने की मांग की है।

अब पुलिस की जांच से ही स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो में दिखाई गई घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या किसी व्यक्ति ने कानून का उल्लंघन किया।

Tags: