Jharkhand: Jharkhand Rajya Sabha Election: झारखंड में दो राज्यसभा सीटों के चुनाव परिणाम के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। परिमल नथवाणी की जीत के बाद INDIA गठबंधन में दरार के आरोप सामने आए हैं। कांग्रेस नेता और मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने गठबंधन के सहयोगी दलों RJD और माले पर ऐन वक्त पर धोखा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और झामुमो के विधायक एकजुट थे, लेकिन मतदान के दौरान क्रॉस वोटिंग हुई, जिससे परिणाम प्रभावित हुआ।
मंत्री दीपिका पांडेय के अनुसार, झामुमो के विधायकों ने कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन किया, लेकिन RJD और माले के रुख ने स्थिति बदल दी। कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लिया है और अब आलाकमान स्तर पर समीक्षा की बात कही जा रही है। चुनाव से पहले गठबंधन की कई बैठकों में एकजुटता का दावा किया गया था, लेकिन वोटिंग के समय तस्वीर बदल गई।
अब चर्चा का केंद्र कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा हैं। प्रणव झा मूल रूप से बिहार के भागलपुर जिले के रहने वाले हैं, लेकिन उनकी शिक्षा झारखंड के बोकारो में हुई। वे दिल्ली विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं। छात्र जीवन में ही वे NSUI से जुड़ गए थे और बाद में संगठन में कई अहम पदों पर रहे। उन्होंने AICC में सचिव और संचार विभाग में भी काम किया।
प्रणव झा को कांग्रेस संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाला नेता माना जाता है और वे राहुल गांधी व मल्लिकार्जुन खड़गे के करीबी माने जाते हैं। उनकी भूमिका पार्टी की रणनीति और मीडिया प्रबंधन में भी अहम रही है। इसी अनुभव के आधार पर उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया गया था।
चुनाव परिणाम के बाद अब INDIA गठबंधन के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं और आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना जताई जा रही है।