रांची। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाताओं से जुड़े आवेदनों को डिजिटाइज करने की प्रक्रिया जारी है। अब तक नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 के 7,75,527 आवेदन डिजिटाइज किए जा चुके हैं। वहीं, मतदाता सूची में नाम, पता और अन्य विवरणों में सुधार के साथ स्थानांतरण के लिए फॉर्म-8 के 5,10,221 आवेदन डिजिटाइज हुए हैं। इसके अलावा, मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के तहत 17,764 आवेदन और आपत्तियां दर्ज की गई हैं।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि झारखंड में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान नए मतदाताओं को जोड़ने, मौजूदा प्रविष्टियों में सुधार करने और नाम हटाने से संबंधित प्रक्रियाएं चल रही हैं। आवेदन डिजिटाइज होने का अर्थ है कि संबंधित आवेदन का विवरण डिजिटल व्यवस्था में दर्ज किया जा चुका है। हालांकि, केवल आवेदन डिजिटाइज होने से यह पुष्टि नहीं होती कि संबंधित बदलाव को अंतिम रूप से मंजूरी मिल गई है।
नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए 7.75 लाख आवेदन
विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए फॉर्म-6 का उपयोग किया जाता है। झारखंड में अब तक इस फॉर्म के 7,75,527 आवेदन डिजिटाइज किए जा चुके हैं।
मतदाता सूची में पात्र नए मतदाताओं का नाम शामिल करना चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके लिए आवेदन जमा किए जाते हैं और निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित विवरणों की जांच होती है। आवेदन डिजिटाइज होने के बाद उनकी आगे की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार की जाती है।
फॉर्म-6 के तहत प्राप्त आवेदनों की संख्या यह बताती है कि बड़ी संख्या में लोगों ने मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन किया है। हालांकि, उपलब्ध आंकड़ों में यह स्पष्ट नहीं है कि इन आवेदनों में से कितनों को मंजूरी मिल चुकी है और कितने आवेदन अभी जांच या अन्य प्रक्रिया में हैं।
नाम और पते में सुधार के लिए फॉर्म-8 के 5.10 लाख आवेदन
मतदाता सूची में पहले से दर्ज विवरणों में बदलाव या सुधार के लिए फॉर्म-8 का इस्तेमाल किया जाता है। झारखंड में अब तक इस फॉर्म के 5,10,221 आवेदन डिजिटाइज किए गए हैं। इनमें नाम, पता और अन्य विवरणों में सुधार के साथ स्थानांतरण से संबंधित आवेदन शामिल हैं।
मतदाता सूची में सही जानकारी दर्ज होना जरूरी है, ताकि मतदाता अपने विवरणों की जांच कर सकें और आवश्यक संशोधन करा सकें। पता बदलने या अन्य विवरणों में सुधार की जरूरत होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन किया जाता है।
फॉर्म-8 के तहत इतने आवेदन डिजिटाइज होने से पता चलता है कि मतदाता सूची में दर्ज सूचनाओं को दुरुस्त करने और स्थानांतरण से जुड़े मामलों के लिए भी आवेदन किए गए हैं। इन आवेदनों पर आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संबंधित विवरणों में बदलाव की स्थिति स्पष्ट होगी।
नाम हटाने के लिए 17,764 आवेदन और आपत्तियां
मतदाता सूची से किसी नाम को हटाने के लिए फॉर्म-7 के तहत आवेदन किया जाता है। झारखंड में अब तक इस श्रेणी में 17,764 आवेदन और आपत्तियां दर्ज की गई हैं।
मतदाता सूची में किसी नाम को हटाने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाती है। केवल आवेदन या आपत्ति दर्ज होने से किसी मतदाता का नाम अपने आप सूची से नहीं हट जाता। संबंधित मामले की जांच और नियमानुसार निर्णय के बाद ही नाम हटाने की स्थिति स्पष्ट होती है।
फॉर्म-7 के तहत दर्ज आवेदनों और आपत्तियों पर भी प्रक्रिया के अनुरूप कार्रवाई की जानी है। उपलब्ध आंकड़ों में यह जानकारी नहीं दी गई है कि इनमें से कितने मामलों का निपटारा किया जा चुका है या कितने अभी लंबित हैं।
एसआईआर में तीनों तरह के आवेदनों पर काम
झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची से संबंधित तीन प्रमुख प्रकार के आवेदन सामने आए हैं। नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 के 7,75,527 आवेदन, विवरणों में सुधार और स्थानांतरण के लिए फॉर्म-8 के 5,10,221 आवेदन तथा नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 के 17,764 आवेदन और आपत्तियां डिजिटाइज की गई हैं।
इन तीनों श्रेणियों के आवेदनों की प्रकृति अलग-अलग है। फॉर्म-6 नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने से जुड़ा है, फॉर्म-8 मौजूदा विवरणों में सुधार और स्थानांतरण के लिए इस्तेमाल होता है, जबकि फॉर्म-7 नाम हटाने से संबंधित आवेदन और आपत्तियों के लिए है।
इन आवेदनों के डिजिटाइज होने के बाद संबंधित प्रक्रिया के अनुसार उनकी जांच और निस्तारण किया जाता है। मतदाता सूची में अंतिम बदलाव का निर्णय निर्धारित नियमों और सत्यापन की प्रक्रिया के आधार पर होता है।
अंतिम मतदाता सूची के लिए प्रक्रिया महत्वपूर्ण
विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची से संबंधित विवरणों की समीक्षा और आवश्यक बदलावों की प्रक्रिया पूरी करना है। इस दौरान नए नाम जोड़ने, मौजूदा प्रविष्टियों में सुधार करने और नाम हटाने से जुड़े आवेदन प्राप्त किए जाते हैं।
झारखंड में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, अब तक फॉर्म-6 और फॉर्म-8 के माध्यम से लाखों आवेदन डिजिटाइज किए जा चुके हैं, जबकि फॉर्म-7 के तहत हजारों आवेदन और आपत्तियां दर्ज हुई हैं। हालांकि, इन आंकड़ों से आवेदनों के अंतिम निस्तारण की स्थिति का पता नहीं चलता।
आगे की प्रक्रिया में आवेदनों की जांच, आवश्यक सत्यापन और नियमानुसार निर्णय महत्वपूर्ण होंगे। इन चरणों के पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने नए नाम जोड़े गए, कितने विवरणों में सुधार हुआ और कितने नाम हटाने के आवेदन स्वीकार किए गए।
फिलहाल झारखंड में एसआईआर के तहत आवेदन डिजिटाइज करने का काम जारी है। नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और मौजूदा विवरणों में सुधार के लिए बड़ी संख्या में आवेदन दर्ज हुए हैं। अब इन आवेदनों के सत्यापन और निस्तारण की प्रक्रिया महत्वपूर्ण रहेगी।