रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई झारखंड कैबिनेट बैठक में कुल 27 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा, प्रशासन और रोजगार से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी। सबसे बड़ा फैसला रिम्स-2.0 परियोजना के लिए 4189.41 करोड़ रुपये की स्वीकृति को माना जा रहा है। इसके साथ ही राज्य में सड़क निर्माण और चौड़ीकरण के लिए 500 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं को भी मंजूरी दी गई।
रिम्स-2 परियोजना को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है। इसके संचालन के लिए जागृति पीएमयू के गठन का निर्णय लिया गया है। साथ ही आईआईएम रांची को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और XISS रांची को इम्पैक्ट असेसमेंट की जिम्मेदारी दी गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण फैसले के तहत विदेशी मेडिकल स्नातकों को भी इंटर्नशिप स्टाइपेंड देने की मंजूरी दी गई है। बैठक में प्रशासनिक सुधारों के तहत बीडीओ और सीओ की तैनाती व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब 271 प्रखंड-अंचलों में अलग-अलग या संयुक्त रूप से अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी, जिससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी। इसके अलावा झारखंड योजना सेवा नियमावली 2026 सहित कई नई नियमावलियों को मंजूरी दी गई है।
सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे चाईबासा के चिकित्सा पदाधिकारी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। इसे लापरवाही के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है। सड़क विकास के तहत दुमका, पाकुड़, साहिबगंज, रांची और चतरा में कई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं से राज्य में यातायात व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।
शिक्षा और उद्योग क्षेत्र में भी फैसले लिए गए हैं, जिनमें बोकारो में विश्वविद्यालय स्थापना और PVTG के लिए रोजगार योजना शामिल है। साथ ही कई औद्योगिक और भूमि लीज प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई है। श्रावणी मेला 2026 की सुरक्षा व्यवस्था के लिए विशेष पुलिस आउटपोस्ट और ट्रैफिक व्यवस्था को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा जल समझौते, पेंशन भुगतान और CAG रिपोर्ट को विधानसभा में रखने जैसे प्रशासनिक निर्णय भी लिए गए।