जम्मू: भाई-बहन के प्रेम का पर्व रक्षाबंधन शुक्रवार 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। इस बार रक्षाबंधन के दिन आंशिक चंद्रग्रहण भी लगने जा रहा है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि क्या यह ग्रहण जम्मू में दिखाई देगा और ग्रहण के कारण राखी बांधने के शुभ समय पर कोई असर पड़ेगा। पंचांग के अनुसार राहत की बात यह है कि चंद्रग्रहण जम्मू समेत भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहां सूतक काल भी लागू नहीं माना जाएगा।
जम्मू के लिए द्रिक पंचांग के अनुसार रक्षाबंधन पर राखी बांधने का शुभ समय सुबह 6:02 बजे से 9:48 बजे तक रहेगा। यानी भाई-बहन को करीब 3 घंटे 45 मिनट का शुभ समय मिलेगा। पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त को सुबह 9:08 बजे शुरू होकर 28 अगस्त को सुबह 9:48 बजे समाप्त होगी। खास बात यह है कि 28 अगस्त को सूर्योदय से पहले ही भद्रा समाप्त हो चुकी होगी।
जम्मू में नहीं दिखाई देगा चंद्रग्रहण
28 अगस्त को लगने वाला आंशिक चंद्रग्रहण भारतीय समय के अनुसार सुबह होगा। इसके मुख्य चरण की शुरुआत करीब सुबह 8:04 बजे होगी, अधिकतम ग्रहण करीब 9:43 बजे और मुख्य आंशिक चरण का समापन करीब 11:21 बजे होगा। पेनुम्ब्रल चरण करीब दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा। जम्मू-कश्मीर में उस समय चंद्रमा क्षितिज के नीचे होने के कारण ग्रहण दिखाई नहीं देगा।
सूतक काल को लेकर नहीं रहेगी चिंता
हिंदू धार्मिक मान्यताओं में दिखाई देने वाले चंद्रग्रहण से पहले सूतक काल माना जाता है। लेकिन 28 अगस्त का चंद्रग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसी वजह से जम्मू में भी इसका सूतक काल मान्य नहीं माना जा रहा है। ऐसे में ग्रहण के कारण रक्षाबंधन की पूजा या राखी बांधने पर रोक नहीं रहेगी।
भद्रा भी नहीं बनेगी बाधा
रक्षाबंधन पर भद्रा काल का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि भद्रा के दौरान राखी बांधने से बचना चाहिए। इस बार भद्रा 27 अगस्त को ही समाप्त हो जाएगी और 28 अगस्त को सूर्योदय के बाद इसका प्रभाव नहीं रहेगा। इसलिए बहनें सुबह शुभ मुहूर्त में भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं।
जम्मू के स्थानीय समय के हिसाब से सबसे स्पष्ट शुभ अवधि सुबह 6:02 से 9:48 बजे तक है। अलग-अलग पंचांगों में शुरुआती समय में कुछ मिनट का अंतर मिल सकता है, इसलिए परिवार अपनी परंपरा या स्थानीय ज्योतिषाचार्य के पंचांग का भी पालन कर सकते हैं। इस तरह रक्षाबंधन और चंद्रग्रहण एक ही दिन होने के बावजूद जम्मू में त्योहार पर ग्रहण की बाधा नहीं रहेगी। बहनें सुबह के शुभ समय में विधि-विधान के साथ भाई को राखी बांधकर लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना कर सकती हैं।
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