Kashmir कश्मीर : सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कश्मीर में झेलम नदी के बीच से एक टूरिस्ट को टोयोटा फॉर्च्यूनर SUV चलाते हुए देखा जा सकता है। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है और लोग इसे पर्यावरण और सुरक्षा नियमों की अनदेखी बता रहे हैं।
यह वीडियो X (पूर्व में ट्विटर) पर शेयर किया गया है, जिसमें स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि एक SUV नदी के बहाव वाले हिस्से से धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। पानी का तेज बहाव वाहन पर लगातार दबाव डाल रहा है, लेकिन इसके बावजूद गाड़ी को नदी के एक हिस्से से दूसरे किनारे तक पार कराते हुए दिखाया गया है।
वीडियो में यह भी प्रतीत होता है कि वाहन चालक गाड़ी के अंदर से ही इस पूरे स्टंट की रिकॉर्डिंग कर रहा था। वहीं नदी के किनारे खड़े कई लोग भी इस दृश्य को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड करते नजर आए। इस दौरान आसपास मौजूद लोग इस अनोखे लेकिन जोखिम भरे दृश्य को देखते रहे।
तेज बहाव और नदी की ऊबड़-खाबड़ सतह के बावजूद SUV बिना किसी रुकावट के झेलम नदी के उस हिस्से को पार कर दूसरी ओर सुरक्षित पहुंच गई। इस घटना में किसी प्रकार के नुकसान या किसी व्यक्ति के घायल होने की कोई सूचना सामने नहीं आई है।
हालांकि, इस घटना ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। कई लोगों ने इसे लापरवाही और खतरनाक स्टंट बताया है, जबकि कुछ यूजर्स ने इसे रोमांचक लेकिन जोखिमपूर्ण ड्राइविंग करार दिया है।
पर्यावरण और सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के स्टंट न केवल वाहन चालकों के लिए खतरनाक हैं, बल्कि नदी के प्राकृतिक बहाव और पारिस्थितिकी तंत्र को भी प्रभावित कर सकते हैं। नदी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में वाहनों का प्रवेश पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन के दायरे में भी आ सकता है।
स्थानीय लोगों ने भी इस तरह की घटनाओं पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि पर्यटन के नाम पर इस तरह की गतिविधियां बढ़ रही हैं, जिससे प्राकृतिक स्थलों की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो सकता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो वायरल होने के बाद यूजर्स लगातार इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई लोगों ने प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह घटना कब और किस स्थान पर हुई, लेकिन वीडियो के वायरल होने के बाद इसे लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।
प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया पर बढ़ते दबाव के बीच उम्मीद की जा रही है कि इस पर जांच की जा सकती है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पर्यटन स्थलों पर रोमांच और सुरक्षा के बीच संतुलन कैसे बनाए रखा जाए, ताकि प्राकृतिक धरोहरों और मानव सुरक्षा दोनों की रक्षा की जा सके।