जम्मू: जम्मू-कश्मीर में शहरों और कस्बों के नियोजित विकास के लिए सरकार 25 शहरी क्षेत्रों के मास्टर प्लान तैयार करने अथवा उनकी समीक्षा की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। अमृत 2.0 के तहत इन क्षेत्रों के लिए भौगोलिक सूचना प्रणाली यानी जीआईएस आधारित योजनाओं को मंजूरी दी गई है। सरकार ने इन्हें चालू वित्त वर्ष में अंतिम रूप देने की उम्मीद जताई है। हालांकि, सभी शहरों में काम की प्रगति एक जैसी नहीं है। आवास एवं शहरी विकास विभाग ने विधानसभा में विधायक जावेद रियाज के सवाल के जवाब में योजनाओं की स्थिति बताई थी। इसके अनुसार, कुछ शहरों में प्रारूप तैयार हो चुका है, जबकि कई जगह शुरुआती रिपोर्ट, मानचित्र और आंकड़ों के विश्लेषण का काम चल रहा है। इस प्रक्रिया में नए मास्टर प्लान बनाने के साथ मौजूदा योजनाओं की समीक्षा भी शामिल है। 
अनंतनाग का प्रारूप सार्वजनिक, सुझावों की जांच जारी
अनंतनाग-बिजबेहाड़ा-मट्टन मास्टर प्लान-2044 का प्रारूप सार्वजनिक किया जा चुका है। इस पर प्राप्त आपत्तियों और सुझावों की जांच की जा रही है। बांदीपोरा मास्टर प्लान-2046 का शुरुआती प्रारूप भी परीक्षण के चरण में है। पुलवामा और कुपवाड़ा में मानचित्र तथा मौजूदा भूमि उपयोग से संबंधित कार्य अलग-अलग स्तर पर हैं।बडगाम, कुलगाम, बारामुला, सोपोर और पट्टन सहित अन्य क्षेत्रों में भी योजना बनाने की प्रक्रिया जारी है। कहीं प्रारंभिक रिपोर्ट को मंजूरी मिली है तो कहीं आंकड़ों और भविष्य की जरूरतों का अध्ययन किया जा रहा है। जम्मू संभाग में अखनूर, रियासी, रामबन, बनिहाल, कठुआ, सांबा, आरएस पुरा और डोडा की प्रारंभिक रिपोर्ट स्वीकृत होने की जानकारी दी गई है। 
जम्मू की मौजूदा योजना की समीक्षा अंतिम चरण में
सरकार के मुताबिक, जम्मू मास्टर प्लान-2032 की समीक्षा अंतिम चरण में है। श्रीनगर, जम्मू, ऊधमपुर और कटड़ा के मास्टर प्लान पहले ही अधिसूचित किए जा चुके हैं। नई कवायद में चयनित शहरों के लिए योजनागत ढांचा तैयार किया जा रहा है। सितंबर में सामने आई विभागीय स्थिति के अनुसार, राजौरी, पुंछ और किश्तवाड़ के विकास प्राधिकरण पर्यटन विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में हैं। इनके मास्टर प्लान की तैयारी के लिए विभाग की ओर से निविदाएं जारी करने की बात कही गई थी। 
पर्यटन क्षेत्रों के लिए अलग तैयारी
पर्यटन विकास प्राधिकरणों के क्षेत्रों के लिए भी अलग मास्टर प्लान तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। पहले चरण में 10 पर्यटन विकास प्राधिकरणों की योजनाओं के निर्माण, निगरानी और परीक्षण के लिए उच्चस्तरीय समितियां गठित की गई हैं। इस संबंध में एक जुलाई 2026 को सरकारी आदेश जारी हुआ था। 
पर्यटन विभाग ने जीआईएस आधारित पर्यटन गंतव्य मास्टर प्लान तैयार कराने के लिए परामर्शदाताओं के चयन की निविदा भी जारी की है। सरकारी निविदा विवरण में कार्य की अवधि 420 दिन निर्धारित है। इससे स्पष्ट है कि पर्यटन क्षेत्रों की योजना तैयार करने के लिए विशेषज्ञ एजेंसी की सेवाएं लेने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। शहरों के मास्टर प्लान और पर्यटन क्षेत्रों की योजनाएं अभी तैयारी तथा समीक्षा के विभिन्न चरणों में हैं। अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद ही संबंधित क्षेत्रों के लिए निर्धारित विकास प्रावधान स्पष्ट होंगे।
Tags: