जम्मू कश्मीर की सियासत में घमासान 370 को लेकर रूहुल्ला ने उठाए सवाल
370 मुद्दे
श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर की सियासत में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के भीतर चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। श्रीनगर से सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के इस्तीफे की मांग पर पलटवार करते हुए कहा है कि वह इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं, लेकिन उससे पहले पार्टी नेतृत्व को कई सवालों के जवाब देने होंगे। रुहुल्लाह ने फारूक अब्दुल्ला को लिखे पत्र में जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे यानी अनुच्छेद 370, राज्य के दर्जे और पार्टी के चुनावी वादों को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस्तीफा कोई मुद्दा नहीं है, लेकिन जनता के सामने जवाबदेही तय होना जरूरी है।
370 के मुद्दे पर पार्टी को घेरा
रुहुल्लाह मेहदी ने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 2024 के विधानसभा चुनाव में अनुच्छेद 370 और 35A की बहाली के वादे को प्रमुख मुद्दा बनाया था, लेकिन अब पार्टी का रुख बदला हुआ नजर आ रहा है। उन्होंने नेतृत्व से पूछा कि जब केंद्र में वही सरकार थी, तब घोषणापत्र में 370 बहाली का वादा क्यों किया गया था। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने जिन उम्मीदों के साथ पार्टी को समर्थन दिया था, उन उम्मीदों पर जवाब देना नेतृत्व की जिम्मेदारी है। रुहुल्लाह ने यह भी सवाल उठाया कि क्या चुनावी वादे केवल राजनीतिक लाभ के लिए किए गए थे।
फारूक अब्दुल्ला ने मांगा था इस्तीफा
इससे पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने रुहुल्लाह के रुख पर नाराजगी जताते हुए उनसे सांसद पद से इस्तीफा देने और जनता के बीच जाने की बात कही थी। इसके बाद पार्टी के भीतर मतभेद और तेज हो गए। रुहुल्लाह ने जवाब देते हुए कहा कि वह इस्तीफा देने से पीछे नहीं हटेंगे, लेकिन पहले उन सवालों का जवाब मिलना चाहिए जो उन्होंने पार्टी नेतृत्व के सामने रखे हैं।
पार्टी के पुराने रुख की याद दिलाई
रुहुल्लाह ने फारूक अब्दुल्ला के पुराने राजनीतिक रुख का जिक्र करते हुए कहा कि अतीत में पार्टी ने जम्मू-कश्मीर की स्वायत्तता जैसे मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए थे। उन्होंने सवाल किया कि अब संवैधानिक अधिकारों की बात करना मुश्किल क्यों हो गया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के युवाओं, रोजगार, जमीन और पहचान जैसे मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों को जनता की आवाज उठानी चाहिए।
NC में बढ़ी अंदरूनी कलह
रुहुल्लाह मेहदी के बयान के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस में अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। एक तरफ पार्टी नेतृत्व अनुशासन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ रुहुल्लाह लगातार 370 और राज्य के दर्जे जैसे मुद्दों पर पार्टी से जवाब मांग रहे हैं। जम्मू-कश्मीर की राजनीति में यह विवाद आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है, क्योंकि अनुच्छेद 370 का मुद्दा अब भी क्षेत्रीय राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है।