Jammu and Kashmir जम्मू-कश्मीर :  जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकवादियों ने एक पुलिसकर्मी को निशाना बनाकर बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। आतंकियों ने लाल चौक के पास हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी पर करीब से अंधाधुंध गोलीबारी कर उनकी हत्या कर दी। यह पूरी घटना मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और इलाके में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, आतंकवादियों ने अनंतनाग के लाल चौक इलाके के पास हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी पर अचानक हमला किया। आतंकियों ने बेहद करीब से उन पर गोलियां चलाईं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों की मदद से उन्हें इलाज के लिए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) अनंतनाग ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

हमले के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि एक आतंकी दुकान से बाहर निकलने के बाद हेड कांस्टेबल का पीछा करता है। इसके बाद वह उनके बेहद करीब पहुंचकर गोलियां चलाता है और मौके से फरार हो जाता है। फुटेज के आधार पर सुरक्षा एजेंसियां हमलावरों की पहचान करने में जुट गई हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया। आतंकियों की तलाश के लिए बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सुरक्षा बल आसपास के इलाकों में मौजूद लोगों से पूछताछ कर रहे हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी है। सुरक्षाबलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। प्रतिकूल मौसम के कारण अमरनाथ यात्रा रविवार से अस्थायी रूप से स्थगित है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं।

गौरतलब है कि अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद कश्मीर घाटी में यह पहला बड़ा आतंकवादी हमला बताया जा रहा है। पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया था, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। उस घटना के बाद घाटी में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की गई थी।

अनंतनाग हमले की उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की शहादत पर दुख जताते हुए कहा कि पूरा देश शहीद के परिवार के साथ खड़ा है। उपराज्यपाल ने इस हमले को कायरतापूर्ण और जघन्य अपराध बताते हुए कहा कि इसके जिम्मेदार आतंकियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात से बातचीत कर घटना की जानकारी ली और सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हमलावरों को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएं।

सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की भी जांच कर रही हैं कि इस हमले के पीछे कौन सा आतंकी संगठन शामिल है और आतंकियों को स्थानीय स्तर पर किसी तरह की मदद मिली थी या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को पकड़ने के लिए अभियान तेज कर दिया गया है।

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