पुंछ। जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिलने की खबर सामने आई है। मंगलवार, 13 अक्टूबर को सुरनकोट इलाके के सजवान सेक्टर स्थित सथरबन के घने जंगलों में सुरक्षा बलों ने एक संदिग्ध आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़ किया। संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान एके-47 राइफल, 30 राउंड गोलियां, छह हैंड ग्रेनेड और मेडिकल सप्लाई बरामद किए जाने की जानकारी मिली है।
यह अभियान सेना की राष्ट्रीय राइफल्स (RR) बटालियन, रोमियो फोर्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त रूप से चलाया। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा बलों को इलाके में संदिग्ध गतिविधियों और हथियारों की मौजूदगी से संबंधित विशेष जानकारी मिली थी। इसके बाद जंगलों में तलाशी अभियान शुरू किया गया। तलाशी के दौरान एक प्राकृतिक गुफा का पता चला, जहां हथियार और अन्य सामान छिपाकर रखा गया था।
खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू हुआ अभियान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों को सुरनकोट सेक्टर के सथरबन इलाके में संदिग्ध ठिकाने की सूचना मिली थी। इसके बाद सेना की आरआर बटालियन, रोमियो फोर्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आपसी समन्वय के साथ संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया।
सुरक्षा बलों ने सजवान सेक्टर के घने जंगलों में अलग-अलग स्थानों पर तलाशी ली। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्र होने के कारण अभियान के दौरान सावधानी बरती गई। तलाशी के दौरान जवानों को एक प्राकृतिक गुफा मिली, जिसका इस्तेमाल हथियार और अन्य सामग्री छिपाने के लिए किए जाने की आशंका है।
गुफा की जांच करने पर वहां एके-47 राइफल, 30 राउंड गोलियां, छह हैंड ग्रेनेड और मेडिकल से जुड़ा सामान बरामद हुआ। सुरक्षा बलों ने बरामद सामग्री को अपने कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू की।
एके-47 राइफल और 30 कारतूस बरामद
तलाशी अभियान के दौरान बरामद एके-47 राइफल और 30 राउंड गोलियां सुरक्षा एजेंसियों के लिए जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सुरक्षा बल इस बात का पता लगाने का प्रयास कर सकते हैं कि हथियारों को वहां कब और किस उद्देश्य से छिपाया गया था।
घने जंगलों में इस तरह की सामग्री मिलने के बाद संबंधित इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और तलाशी अभियान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, बरामद हथियारों का इस्तेमाल किसी आतंकी घटना में हुआ है या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सुरक्षा एजेंसियां बरामद सामग्री से जुड़े तथ्यों को जुटाकर यह पता लगाने का प्रयास करेंगी कि इस ठिकाने का इस्तेमाल कौन कर रहा था और क्या इसका संबंध किसी सक्रिय आतंकी नेटवर्क से है।
छह हैंड ग्रेनेड मिलने से बढ़ी सतर्कता
ऑपरेशन के दौरान छह हैंड ग्रेनेड भी बरामद किए गए। विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने बम निरोधक दस्ते की मदद ली। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बम निरोधक दस्ते ने ग्रेनेड को मौके पर ही नष्ट कर दिया, ताकि उनसे किसी प्रकार का खतरा पैदा न हो।
हैंड ग्रेनेड जैसे विस्फोटक हथियारों को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करना जरूरी होता है। इनके परिवहन या सामान्य तरीके से संभालने के दौरान दुर्घटना होने का जोखिम रहता है। इसलिए ऐसे मामलों में प्रशिक्षित बम निरोधक विशेषज्ञों की मदद ली जाती है।
सुरक्षा बलों की ओर से बरामद विस्फोटक सामग्री को नष्ट करने की कार्रवाई के बाद इलाके की तलाशी और जांच को आगे बढ़ाया गया।
मेडिकल सप्लाई भी मिली
हथियारों और गोला-बारूद के अलावा प्राकृतिक गुफा से मेडिकल सप्लाई भी बरामद हुई है। जांच एजेंसियों के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि इस सामग्री का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था और इसे वहां किसने रखा था।
जंगलों और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में लंबे समय तक छिपकर रहने वाले लोगों के लिए दवाइयां और प्राथमिक उपचार से संबंधित सामान उपयोगी हो सकता है। हालांकि, केवल मेडिकल सामग्री मिलने के आधार पर किसी विशेष गतिविधि या उसके इस्तेमाल के बारे में निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
इस संबंध में बरामद सामान की प्रकृति और अन्य परिस्थितियों की जांच के बाद ही अधिक जानकारी सामने आ सकेगी।
सेना और पुलिस के संयुक्त अभियान से मिली सफलता
पुंछ जिला लंबे समय से सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल रहा है। यहां के पहाड़ी इलाके और घने जंगल तलाशी अभियानों को चुनौतीपूर्ण बना सकते हैं। ऐसे क्षेत्रों में सुरक्षा बलों और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय महत्वपूर्ण होता है।
सुरनकोट सेक्टर में चलाया गया यह संयुक्त अभियान भी इसी समन्वय का हिस्सा था। विशेष जानकारी मिलने के बाद की गई तलाशी में हथियारों और विस्फोटक सामग्री की बरामदगी को सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
हालांकि, इस ठिकाने से किसी आतंकी संगठन का संबंध होने, इसे संचालित करने वाले लोगों की पहचान या किसी संभावित हमले की योजना से जुड़ी कोई पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।
आगे की जांच पर टिकी नजरें
सथरबन के जंगलों में संदिग्ध ठिकाना मिलने के बाद अब जांच का प्रमुख उद्देश्य बरामद सामग्री के स्रोत और उसके संभावित इस्तेमाल का पता लगाना होगा। सुरक्षा एजेंसियां यह जानने का प्रयास करेंगी कि हथियार और मेडिकल सप्लाई वहां कैसे पहुंची तथा क्या इलाके में ऐसे अन्य ठिकाने भी मौजूद हैं।
फिलहाल, इस अभियान में एके-47 राइफल, 30 राउंड गोलियां, छह हैंड ग्रेनेड और मेडिकल सप्लाई बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। बम निरोधक दस्ते ने ग्रेनेड को मौके पर नष्ट कर दिया।
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