बिजबेहाड़ा रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा एजेंसियों ने परखी इमरजेंसी रिस्पॉन्स क्षमता

Update: 2025-11-29 16:10 GMT
Kasmir कश्मीर। क्षेत्र में सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने बुधवार को बिजबेहाड़ा रेलवे स्टेशन पर एक हाई-इंटेंसिटी मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास में जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ GRP (जीआरपी), RPF (आरपीएफ), CRPF की 90वीं बटालियन तथा सेना की 3rd RR (राष्ट्रीय राइफल्स) यूनिट ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। इस संयुक्त अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आतंकवादी हमले, विस्फोटक खतरे, बम प्लांटिंग, बंधक स्थिति और अन्य आपात स्थितियों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया क्षमता को परखना था। अभ्यास के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, ट्रैक, वेटिंग हॉल और एंट्री–एग्जिट गेट्स पर विभिन्न स्थितियों का अनुकरण किया और उन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया।
मॉक ड्रिल के दौरान परिदृश्य बनाया गया कि स्टेशन पर संदिग्ध वस्तु मिलने के बाद संभावित आतंकी खतरे की सूचना प्रसारित होती है। तुरंत ही सभी एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं। GRP और RPF ने स्टेशन को पूरी तरह घेर लिया, जबकि CRPF और 3rd RR ने बाहरी परिधि को सुरक्षित किया। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड को तुरंत मौके पर बुलाया गया और संदिग्ध वस्तु की जांच की गई। टीमें कुछ ही मिनटों में स्टेशन के अलग-अलग हिस्सों में फैल गईं और सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर निकालकर स्टेशन को खाली कराया गया। इसके बाद संभावित खतरे का स्रोत ढूंढकर उसे निष्प्रभावी करने की प्रक्रिया का अनुकरण किया गया। पूरी कार्रवाई का निरीक्षण वरिष्ठ पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने किया, जिन्होंने अभ्यास के हर चरण की मॉनिटरिंग की।
अभ्यास के बाद अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की मॉक ड्रिल्स सुरक्षा समन्वय को मजबूत करने के साथ-साथ वास्तविक आपात स्थितियों में तेजी से और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करती हैं। उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में रेलवे स्टेशनों, सार्वजनिक स्थलों और महत्वपूर्ण ठिकानों को लेकर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत होती है। स्टेशन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को भी इस ड्रिल का हिस्सा बनाया गया। उन्हें यात्रियों की निकासी, आपात संदेश प्रसारण, अलर्ट सिस्टम और सुरक्षा प्रोटोकॉल के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि आपदा प्रबंधन और आतंक विरोधी तैयारी में नागरिक कर्मचारियों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी सुरक्षा बलों की।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अभ्यास समय-समय पर आयोजित किए जाएंगे ताकि सभी एजेंसियों के बीच समन्वय बना रहे और उनकी प्रतिक्रिया क्षमता बेहतर होती रहे। उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल के दौरान सभी बलों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और निर्धारित समय के भीतर ऑपरेशन पूरा किया, जो सुरक्षा तैयारियों की मजबूती को दर्शाता है। कुल मिलाकर, बिजबेहाड़ा रेलवे स्टेशन पर आयोजित यह संयुक्त मॉक ड्रिल सुरक्षा बलों की पेशेवर क्षमता, त्वरित कार्रवाई और आपसी तालमेल को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम साबित हुआ है।
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