JAMMU.जम्मू: जम्मू में पर्यावरणविद और समाजसेवी सकीना ने जम्मू में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में छात्रों को पर्यावरण संरक्षण का राजदूत कहा। इस अवसर पर उन्होंने छात्रों को प्रकृति की सुरक्षा और सतत विकास के महत्व के बारे में जानकारी दी और उन्हें समाज में हरित और जिम्मेदार भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
सकीना ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि युवाओं का सक्रिय योगदान भी जरूरी है। उन्होंने छात्रों को जल संरक्षण, ऊर्जा बचत, कचरा प्रबंधन और वृक्षारोपण जैसी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उनका मानना है कि छोटी-छोटी पहलें भी पर्यावरण में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।
कार्यक्रम में उन्होंने यह भी जोर दिया कि छात्र अपने परिवार, स्कूल और समुदाय में पर्यावरण जागरूकता फैलाएं। उन्होंने कहा कि आज के छात्र कल के नेता होंगे, और यदि वे पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देंगे, तो आने वाले समय में पृथ्वी हरित और सुरक्षित बनी रहेगी।
सकीना ने छात्रों को उदाहरण के माध्यम से दिखाया कि प्लास्टिक मुक्त जीवन, जल संरक्षण और हरित प्रोजेक्ट्स अपनाकर वे न केवल पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव भी ला सकते हैं। उन्होंने छात्रों को स्थानीय पर्यावरण कार्यक्रमों में भाग लेने और स्वयं को प्रेरित करने के लिए आमंत्रित किया।
छात्रों ने इस पहल का उत्साहपूर्वक स्वागत किया और कहा कि वे अब अपनी दैनिक गतिविधियों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी अपनाएंगे। कई छात्रों ने वचन दिया कि वे स्कूल, मोहल्ले और परिवार में स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण और जल संरक्षण कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की पहल युवा पीढ़ी में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह छात्रों को सतत विकास, सामाजिक योगदान और हरित भविष्य के प्रति प्रेरित करती है।
संक्षेप में, जम्मू में सकीना द्वारा छात्रों को पर्यावरण संरक्षण का राजदूत कहने का कार्यक्रम एक प्रेरक और प्रभावशाली कदम है। इससे छात्रों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी, सतत विकास और स्वच्छ वातावरण के प्रति गहरी समझ और प्रतिबद्धता पैदा होगी।