Jammu.जम्मू: रेलवे की हाई-लेवल टीम ने कठुआ-माधोपुर सेक्शन में स्थित रावी पुल का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का उद्देश्य पुल की संरचनात्मक स्थिति, सुरक्षा मानकों और यात्री व मालगाड़ी संचालन की सुचारुता सुनिश्चित करना बताया गया। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि पुल एक महत्वपूर्ण यातायात लिंक है और इसे सुरक्षित बनाए रखना रेलवे की प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान पुल के सभी हिस्सों की स्थिति का मूल्यांकन किया गया, जिसमें पायों, रेल पटरी, ब्रिज प्लेटफॉर्म और गार्डर की जांच शामिल थी। अधिकारियों ने कहा कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि पुल पर यातायात के दौरान कोई जोखिम न हो।
हाई-लेवल टीम में सीनियर इंजीनियर, स्ट्रक्चरल एक्सपर्ट और सुरक्षा अधिकारी शामिल थे। टीम ने निरीक्षण के दौरान पुल की लोहे और कंक्रीट की संरचना की मजबूती, पानी के स्तर से संबंधित जोखिम और मौसम के प्रभाव की समीक्षा की। अधिकारियों ने यह भी देखा कि पुल के आस-पास के इलाकों में कोई अनियंत्रित निर्माण या ढहने का खतरा तो नहीं है।
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यह निरीक्षण नियमित रूप से किया जाता है और इससे पुल की उम्र बढ़ाने और दुर्घटनाओं से बचाव सुनिश्चित करने में मदद मिलती है। निरीक्षण के दौरान कुछ मामूली मरम्मत और सुरक्षा सुधार की सिफारिशें भी की गईं, जिन्हें जल्द ही लागू किया जाएगा।
कठुआ-माधोपुर सेक्शन रेलवे के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है, जो मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के लिए अहम लिंक प्रदान करता है। पुल के निरीक्षण से रेलवे यह सुनिश्चित करना चाहता है कि यात्री और मालगाड़ियों का संचालन पूरी तरह सुरक्षित और समय पर हो।
विशेषज्ञों का कहना है कि रेलवे नेटवर्क की सुरक्षा और संरचना की नियमित जाँच समय पर आवश्यक है, क्योंकि यह न केवल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है बल्कि रेलवे संचालन में भी बाधा नहीं आने देती।
स्थानीय प्रशासन और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस निरीक्षण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के हाई-लेवल निरीक्षण से पुलों की स्थिति का सटीक आंकलन किया जा सकता है और आवश्यक सुधार समय पर किए जा सकते हैं।
रेलवे टीम ने यह भी कहा कि पुल निरीक्षण के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें सुरक्षा सुधार, मरम्मत और निगरानी के लिए सुझाव दिए जाएंगे। इसके अलावा, पुल पर आने वाले यातायात की निगरानी और सुरक्षा उपायों को बढ़ाया जाएगा।
Tags: