Rajouri: गुड क्लिनिकल प्रैक्टिस पर जागरूकता कार्यक्रम

Update: 2026-04-17 11:41 GMT
Jammu.जम्मू: गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC) राजौरी ने ‘गुड क्लिनिकल प्रैक्टिस’ (Good Clinical Practice) विषय पर एक कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन (CME) कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ को आधुनिक चिकित्सा मानकों और नैतिक प्रथाओं के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टरों, रेजिडेंट्स और मेडिकल छात्रों ने भाग लिया। इस दौरान चिकित्सा क्षेत्र में गुणवत्ता, रोगी सुरक्षा और नैतिक जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि ‘गुड क्लिनिकल प्रैक्टिस’ चिकित्सा अनुसंधान और इलाज के दौरान अपनाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण मानक प्रक्रिया है, जिससे मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है और उपचार की गुणवत्ता में सुधार आता है।
CME सत्र के दौरान कई तकनीकी प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें क्लिनिकल ट्रायल्स, डेटा मैनेजमेंट और एथिकल गाइडलाइंस पर विशेष ध्यान दिया गया।
GMC राजौरी के अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम डॉक्टरों को नवीनतम चिकित्सा प्रथाओं से अपडेट रखने में मदद करते हैं और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि मेडिकल शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि लगातार सीखने और सुधार की प्रक्रिया का हिस्सा होनी चाहिए।
कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी बताया और कहा कि इससे उन्हें अपने दैनिक चिकित्सा कार्यों में बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे CME कार्यक्रम स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और मरीजों के विश्वास को भी मजबूत करते हैं।
कुल मिलाकर, GMC राजौरी द्वारा ‘गुड क्लिनिकल प्रैक्टिस’ पर आयोजित यह CME कार्यक्रम चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
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