Kashmir के प्राइवेट स्कूलों ने नियमों में सरलता और स्थायित्व की अपील की
Kashmir.कश्मीर: कश्मीर के प्राइवेट स्कूल संचालकों ने शिक्षा विभाग और प्रशासन के सामने लंबी अवधि के रजिस्ट्रेशन और नियमों में सरलता की मांग उठाई है। स्कूल संचालकों का कहना है कि वर्तमान रजिस्ट्रेशन अवधि छोटी और नियम जटिल होने के कारण संचालन में बाधा आती है और स्कूल की योजना लंबी अवधि के लिए बनाना मुश्किल हो जाता है।
प्राइवेट स्कूलों के प्रतिनिधियों ने बताया कि यदि रजिस्ट्रेशन की अवधि 10 साल की हो और नियमों को आसान बनाया जाए, तो शिक्षा क्षेत्र में सुधार और स्थायित्व आएगा। इससे न केवल स्कूल संचालकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि छात्रों और उनके अभिभावकों को भी बेहतर शिक्षा सेवाएं मिल सकेंगी।
प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि वर्तमान में रजिस्ट्रेशन और नियमों में बार-बार बदलाव होने से स्कूल संचालन में अनिश्चितता रहती है। इससे निवेशक और शिक्षक भी परेशान हैं, और शिक्षा की गुणवत्ता पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
शिक्षा विशेषज्ञों ने माना कि स्कूलों की मांग जायज़ है। उन्होंने कहा कि लंबी अवधि का रजिस्ट्रेशन और सरल नियम शिक्षा प्रणाली में स्थिरता और बेहतर योजना निर्माण के लिए आवश्यक हैं। इससे स्कूल बेहतर शिक्षण उपकरण, स्टाफिंग और पाठ्यक्रम सुधार में निवेश कर सकेंगे।
अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन प्राइवेट स्कूलों की समस्याओं को समझ रहा है और शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए विचार कर रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि नियमों में बदलाव और रजिस्ट्रेशन अवधि बढ़ाने के लिए जल्द ही दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
स्थानीय माता-पिता और अभिभावकों ने भी प्राइवेट स्कूलों के पक्ष में समर्थन जताया। उनका कहना है कि नियमों की जटिलता और बार-बार रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बच्चों की शिक्षा पर असर डाल सकती है। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि शिक्षा क्षेत्र को सरल और स्थिर बनाया जाए।
प्राइवेट स्कूल संचालकों ने आगे कहा कि लंबी अवधि के रजिस्ट्रेशन और आसान नियमों से निवेश और शिक्षा सुधार दोनों को बढ़ावा मिलेगा। इससे कश्मीर में निजी शिक्षा क्षेत्र और मजबूत होगा और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सकेगी।