जम्मू,  'दरबार मूव' के बाद कल जम्मू में कार्यालय फिर से खुलने जा रहे हैं। पिछले एक साल में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का शासन-दृष्टिकोण पूरी तरह से जवाबदेह, समावेशी और जन-केंद्रित विकास पर केंद्रित रहा है। उन्होंने लगातार जनता के बीच जाकर उनसे संवाद किया है और पूरे जम्मू-कश्मीर के लोगों की चिंताओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने खुद ज़मीनी स्तर पर जाकर पूरे जम्मू-कश्मीर का व्यापक दौरा किया है। वे दूर-दराज़ के गाँवों, कस्बों और शहरी केंद्रों तक पहुँचे, लोगों से सीधे बातचीत की, उनकी शिकायतें सुनीं और उनकी आकांक्षाओं को समझा। इन मुलाकातों ने सरकार की प्राथमिकताओं को तय करने में मदद की है। सरकार का मुख्य ज़ोर रोज़मर्रा के जीवन को बेहतर बनाने पर रहा है, जिसके लिए बेहतर सड़क संपर्क, सुरक्षित पेयजल, निर्बाध बिजली आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कौशल विकास, खेल और आधुनिक सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे पर ध्यान दिया गया है।
सरकार द्वारा शुरू की गई कई प्रमुख पहलें इसी विकास-उन्मुख दृष्टिकोण को दर्शाती हैं। इनमें श्रीनगर के अचन में प्रस्तावित आधुनिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) सुविधा, उधमपुर में एक बड़ी जल आपूर्ति योजना, पूरे जम्मू-कश्मीर में नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास, 'तवी वंडरलैंड', 'यूनिटी मॉल' की स्थापना और जम्मू-कश्मीर का पहला अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव शामिल हैं।
इन पहलों का उद्देश्य बुनियादी ढाँचे को मज़बूत करना, आर्थिक अवसरों का विस्तार करना, पर्यटन को बढ़ावा देना और सार्वजनिक सेवाओं की पहुँच को बेहतर बनाना है। ये सभी पहलें अलग-अलग क्षेत्रों की विकासात्मक ज़रूरतों को पूरा करने के साथ-साथ सतत विकास और समृद्धि के रास्ते खोलने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाती हैं। नियमित ज़मीनी दौरों, जनता के साथ निरंतर संवाद और लोगों की समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करके, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला एक ऐसे समावेशी, प्रगतिशील, समृद्ध और खुशहाल जम्मू-कश्मीर के विज़न को आगे बढ़ा रहे हैं, जहाँ विकास हर क्षेत्र तक पहुँचे और समाज के हर वर्ग को इसका लाभ मिले। जम्मू में सिविल सचिवालय और अन्य कार्यालयों के फिर से काम शुरू करने के साथ, सरकार का पूरा ध्यान पूरे जम्मू-कश्मीर में विकास, जन-सेवा और जवाबदेह शासन के इस एजेंडे को आगे बढ़ाने पर है।
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