SRINAGAR श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस महिला विंग की अध्यक्ष और हब्बा कदल की विधायक, एडवोकेट शमीमा फिरदौस ने रविवार को कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस की चुनी हुई सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों को बेहतर बनाने को खास प्राथमिकता दी है।
उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2019 के बाद स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, जिसमें शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SKIMS) और अन्य बड़े-छोटे अस्पतालों को भी कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अलोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत, नौकरशाही ने लोगों की समस्याओं, शिकायतों और मांगों पर बहुत कम ध्यान दिया और लोगों को प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाने की इजाज़त नहीं थी। उन्होंने कहा, "चुनी हुई सरकार के गठन के साथ, लोगों को सरकार और प्रशासन से सवाल पूछने और अपनी चिंताएं व मांगें उठाने का मौका फिर से मिल गया है।"
उन्होंने आज करण नगर के गोल मार्केट में दिल्ली IVF सेंटर और डायग्नोस्टिक लैब का उद्घाटन करते हुए ये बातें कहीं। इस मौके पर डॉ. अनूप गुप्ता, जाने-माने डॉक्टर डॉ. नज़ीर मुश्ताक और संस्थान के अन्य सदस्य भी मौजूद थे। शमीमा फिरदौस ने उम्मीद जताई कि इस सेंटर के खुलने से स्थानीय निवासियों के लिए चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच बेहतर होगी और यह संस्थान गरीब व ज़रूरतमंद मरीज़ों की मदद में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि करण नगर में पहले से ही कई स्वास्थ्य सुविधाएं मौजूद हैं और उन्हें भरोसा है कि इस नए सेंटर से भी इलाके के लोगों को फायदा होगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में सरकार स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, अस्पतालों में चिकित्सा और डायग्नोस्टिक सुविधाओं का विस्तार करने और मरीज़ों के बेहतर इलाज को सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, डायग्नोस्टिक सेवाओं और बेहतर इलाज की सुविधाओं तक पहुंच एक ज़रूरी जन-आवश्यकता है, और कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सुविधाओं को मजबूत करने से मरीज़ों को समय पर इलाज मिलने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने आगे कहा कि अच्छी स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच हर नागरिक का अधिकार है और इस बात पर ज़ोर दिया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को महंगे इलाज और डायग्नोस्टिक सेवाओं के वित्तीय बोझ से जितना हो सके बचाया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों से अपील की कि वे करुणा, सेवा और जन-कल्याण को अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखें और मरीज़ों को बेहतर चिकित्सा देखभाल प्रदान करने के लिए अपनी ज़िम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाएं।